राजनीति / मांडू से शुरू हुई आजसू सुप्रीमो की पदयात्रा, कहा- सरकार की लोगों से संवादहीनता

Dainik Bhaskar

Oct 02, 2018, 07:30 PM IST



पदयात्रा के दौरान सुदेश महतो। पदयात्रा के दौरान सुदेश महतो।
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पदयात्रा के दौरान सुदेश महतो।पदयात्रा के दौरान सुदेश महतो।

रामगढ़.  वर्तमान समय में लगातार राज्य के निर्माण के स्वर एकतरफा हो गए हैं और कल्पना का उद्गम स्थल सचिवालय बन कर रह गया है। जबकि ग्राम स्वराज के कल्पना में कभी भी निर्वाह एवं सृजन का सचिवालय उद्गम नहीं था। बल्कि इसका उद्गम चौपाल था। इसलिए गांव का विकास चौपाल से होगा न कि सचिवालय से। यह बातें आजसू सुप्रीमो सह राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने गांधी जयंती के अवसर पर मंगलवार को हेसालौंग से स्वराज स्वाभिमान पदयात्रा की शुरुआत करने के क्रम में कही। 

 

ग्यारह दिनों तक चलेगी पदयात्रा
यह पदयात्रा ग्यारह दिनों तक चलेगी और इस दौरान सात विधानसभा क्षेत्र से गुजरेगी। सुदेश महतो ने कहा कि सरकार का गांव के लोगों से संवाद बंद हो गया है। जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि ग्राम-सभा से निकलने वाली योजनाएं सचिवालय तक पहुंच पा रही है या नहीं। पंचायती राज व स्वशासन प्रक्रिया दूषित व प्रभावित हो गई है। स्वराज स्वाभिमान यात्रा में इन प्रक्रियाओं का आकलन किया जाएगा। ताकि दूषित हो चुकी स्वशासन प्रक्रिया को दूर किया जा सके।

 

स्वाभिमान यात्रा को राजनीति से जोड़ना ठीक नहीं
इस दौरान पत्रकारों द्वारा सुदेश महतो से हेसालौंग से पदयात्रा की शुरूआत करने का कारण कहीं मांडू विधानसभा से चुनाव लड़ने की मंशा तो नहीं है। इस पर सुदेश महतो ने साफ तौर पर मना तो नहीं किया। परंतु इस स्वराज स्वाभिमान पद यात्रा को राजनीतिक से जोड़ना गलत बताया। पदयात्रा में विधायक रामचंद्र सहिस, देवशरण भगत सहित आजसू नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।

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