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रिम्स के डॉक्टर ने कहा- राशन कार्ड लाओ फिर होगा फ्री इलाज पत्नी लाने गई, पति मर गया, बेटा पिता के शव के पास रोता रहा

2 वर्ष पहले
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रिम्स में सुरक्षा के लाख इंतजाम किए जा रहे हों, लेकिन यहां की व्यवस्था अभी भी नहीं सुधर रही। चतरा से इलाज कराने आए बलदेव को रिम्स डॉक्टरों ने कहा कि पहले राशन कार्ड ले आओ फिर फ्री में इलाज होगा। डॉक्टरों की बात मानकर बलदेव की प|ी राशन कार्ड लाने चतरा चली गई, इधर बलदेव की मौत हो गई। बलदेव के पास सिर्फ उसका बेटा दीपक (10 साल) था, जो अपने पिता के शव के पास घंटों आंसू बहाता रहा। पार्थिव शरीर को मुफ्त शव वाहन की सुविधा देने वाली संस्था ‘जिंदगी मिलेगी दोबारा’ के सहयोग से पिता के शव के साथ बच्चे को उसके घर चतरा पहुंचा दिया गया।

पिता के शव के पास घटों आंसू बहाता रहा मासूम दीपक
टीबी से पीड़ित बलदेव को जरूरी दवाएं व जांच के लिए मांगा जा रहा था राशन कार्ड
डॉक्टर बाद में बोले- राशन कार्ड बिना नहीं रुकता इलाज
रिम्स में सुरक्षा के लिए सैफ के 45 जवान तैनात
रांची | रिम्स की सुरक्षा के लिए शनिवार को सैफ के 20 अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। पहले से ही सैफ के 25 जवानों की तैनाती थी। अब कुल 45 सैफ जवान हाे गए। निजी सुरक्षा गार्ड को अस्पताल परिसर में तैनात किया गया है। मालूम हा़े कि पिछले कुछ दिनों से रिम्स में सुरक्षा से संबंधित लगातार सरकार को शिकायतें मिल रहीं थीं। सीएम रघुवर दास ने निर्देश के बाद डीजीपी केएन चौबे ने रिम्स की सुरक्षा का जायजा लिया था।

जांच और दवा की थी जरूरत
बलदेव के बेटे दीपक ने बताया कि उसके पिता को टीबी था। दो दिन पहले ही रिम्स के डॉ. विद्यापति की यूनिट में भरती किया गया था। उसे रिम्स में उपलब्ध दवाएं आदि दी जा रहीं थीं। लेकिन, अन्य दवाओं और जांच के लिए राशन कार्ड जरूरी थी। बलदेव अपने साथ राशन कार्ड लेकर नहीं आया था।

डॉक्टर- सुविधा के लिए मांगा था
डॉ. विद्यापति ने कहा कि किसी भी मरीज का इलाज राशन कार्ड के बगैर नहीं रुकता। मरीज काफी दिनों से गंभीर बीमारी टीबी से ग्रसित था। डॉक्टरों ने परिजनों को राशन कार्ड इसलिए लाने को कहा, ताकि राशन कार्ड के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवार वालों को सरकारी प्रावधान के तहत सुविधाएं मिल सकें।

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