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रेलवे / गोमो-साेननगर होकर गुजरेगी तीसरी लाइन, पैसेंजर ट्रेनों की टाइमिंग ठीक होगी



third line will pass through Gomo-Sainnagar
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third line will pass through Gomo-Sainnagar

  • 1300 ट्रक के बराबर एक मालगाड़ी 100 किमी प्रति घंंटा की स्पीड से दौड़ेगी फ्रेट कॉरिडोर पर
  • 1100 बिलियन हर साल लोडिंग करते हैं, 2022 तक 1885 बिलियन पहुंचाना लक्ष्य

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 03:36 AM IST

नितिन चौधरी, रांची. ईस्टर्न कॉरिडोर लुधियाना से सोननगर, गोमो होते हुए दानकुनी तक 3300 किमी तक बिछायी जानेवाली  डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेल लाइन का काम तेजी से चल रहा है। सबसे ज्यादा सतर्कता और चुनौतीपूर्ण काम सोननगर और गोमो के बीच काेयला क्षेत्र और ग्रेडिएंट (चढ़ाई) के साथ-साथ वाइल्ड लाइफ (जीव जंतु का क्षेत्र) है।

 

ऐसे क्षेत्र में रेल लाइन बिछा कर 100 किमी प्रतिघंटे की स्पीड से ट्रेन चलाना रेलवे के लिए चुनौती है। तीसरी लाइन पर मालगाड़ी 100 किमी प्रतिघंटे की स्पीड से ही दौड़ेगी।  डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के एमडी अनुराग सचान ने मीडिया वर्कशॉप में कहा  कि वाइल्ड लाइफ को देखते हुए क्लियरेंस की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही क्लियरेंस मिल जाएगा। वहीं, जीव- जंतु ट्रैक पर ना आएं, इसके लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।

 

गोमो का एरिया कोयला क्षेत्र है। इस पर लाइन बिछाने के लिए सेफ्टी की कई बातों पर ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2020 मार्च तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। हमलोग 2020 तक हर हाल में देश की तीसरी सबसे बड़ी लाइन पर मालगाड़ी को डायवर्ट कर देंगे। ईस्टर्न कॉरिडोर सेल और जिंदल की मदद से बनाया जा रहा है। फंडिंग वर्ल्ड बैंक ने किया है। वेस्टर्न कॉरिडोर दादरी से जेएनपीटी 1500 किमी लाइन बिछाने के लिए लोन  जापान की जाइका कंपनी ने दिया है। फ्रेट कॉरिडोर लाइन से 42 हजार लोगों को रोजगार मिला है।

 

1300 ट्रक के बराबर मालगाड़ी की एक रैक दौड़ेगी : एमडी सचान ने कहा कि 1300 ट्रक के बराबर एक मालगाड़ी तीसरी लाइन पर दौड़ेगी। यानी अभी जिस ट्रैक पर मालगाड़ी दौड़ रही है, वह फ्रेट कॉरिडोर पर चली जाएगी। इससे ट्रैक खाली होगा और पैसेंजर ट्रेनों की एवरेज स्पीड बढ़ जाएगी। पैसेंजर  ट्रेनों का समय ठीक हो जाएगा। साथ ही फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर 50 किमी प्रतिघंटे की स्पीड से मालगाड़ी (कैंटीड टर्न आउट ) टर्न करेगी। इस तरह की पटरी बिछाई जा रही है।

 

इलाहाबाद और अहमदाबाद में होगा कंट्रोल डाटा सिस्टम : फ्रेट कॉरिडोर का कंट्रोल रूम इलाहाबाद और अहमदाबाद में बनाया जा रहा है। यह बिल्कुल अलग तरह का कंट्रोल रूम होगा। इसका नाम कंट्रोल एंड डाटा एक्वीजिशन सिस्टम है। यहां से मालगाड़ी के हर मूवमेंट का पता चलेगा।

 

मीटिंग में समस्याएं रखी जाती हैं, मॉनिटरिंग पीएमओ कर रहा है : फ्रेट कॉरिडोर बनाने में जमीन की समस्या या कानून व्यवस्था को लेकर आई समस्या प्रगति मीटिंग में रखी जाती है। इसकी मॉनिटरिंग पीएमओ कर रहा है। जिस जगह समस्या होती है, पीएमओ उस राज्य की  सरकार को समस्या के समाधान का निर्देश देता है। इसलिए प्रोजेक्ट में विलंब होने की कोई संभावना नहीं है।

 

खड़गपुर-विजयनगर ईस्ट कॉस्ट कॉरिडोर बनाने का प्लान : एमडी अनुराग सचान ने कहा कि दो कॉरिडोर और बनाने का प्लान है। इईस्ट कोस्ट कॉरिडोर और ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर है। इसका प्रपोजल रेलवे के पास भेजने की प्रक्रिया चल रही है। ईस्ट कोस्ट कॉरिडोर खड़गपुर से विजयनगरम तक 762 किमी की फ्रेट लाइन बिछानी है।

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