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रांची: खून की कालाबाजारी, ब्लैक में खून बेचने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2018, 11:09 AM IST

फर्जी मरीज खड़ा कर एनजीओ से लेते थे डोनर कार्ड, रिम्स सहित शहर के अन्य अस्पतालों के मरीजों को 3500 रुपए में बेचा करते थे

Three members of the gang who sell blood in black

रांची. बीमार मजबूर लोगों को ब्लैक में खून बेचने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी सामाजिक संस्था को फर्जी मरीज के नाम पर ब्लड डोनर कार्ड लेते थे। फिर उसी कार्ड से खून लेकर रिम्स समेत अन्य अस्पतालों में लोगों को 3500 रु. में एक यूनिट खून बेचते थे। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग है। गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों में लोअर बाजार का रहने वाला मो.. गुड्डू (32) और इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का मदन कुमार (45) है।

तुषार विजयवर्गीय ने बरियातू थाने में केस दर्ज कराया

चौथा साथी जोड़ा तालाब निवासी कृष्णा मिश्रा फरार हो गया। पुलिस मंगलवार को नाबालिग को महिला रिमांड होम और दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजेगी। इनके खिलाफ कोकर के तुषार विजयवर्गीय ने बरियातू थाने में केस दर्ज कराया है।

एक आरोपी फरार, बरियातू थाने में एफआईआर दर्ज
रविवार की शाम गिरोह के सदस्यों ने नाबालिग लड़की से एनजीओ के एक सदस्य को फोन कर डोनर कार्ड मांगने को कहा। लड़की ने रविवार रात 9 बजे जिंदगी न मिलेगी दोबारा एनजीओ के फाउंडर अश्विनी राजगढ़िया को फोन पर कहा कि उसके परिजन का आलम अस्पातल में ऑपरेशन होना है। उसे 5 यूनिट खून चाहिए। अश्विनी ने लड़की से कहा कि मरीज का डिटेल भेजे। लड़की द्वारा भेजे गए डिटेल की जांच करने पर वह फर्जी निकला। फिर अश्विनी ने लड़की को कार्ड देने के लिए बुलाया। फिर उसका पीछा किया। साथ ही उसका वीडियो बनाते रहे। लड़की ने उस कार्ड पर सेवा सदन से खून लिया। फिर आलम नर्सिंग होम में जाकर एक मरीज के परिजन को 3500 रु. में बेच दिया। सोमवार को गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए अश्विनी और मारवाड़ी युवा मंच ने लड़की को कार्ड देने के लिए दोबारा बुलाया। जब वह अपने सहयोगियों के साथ कार्ड लेने आई तो सभी ने उसे पकड़ लिया। आरोपियों ने बताया कि कृष्णा ही मरीजों के परिजनों को रिम्स में फंसाता था।

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Three members of the gang who sell blood in black
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