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डायन मामले में तीन हत्यारों को उम्रकैद

चान्हो थाना क्षेत्र के पंडरी गांव में वृद्ध महिला बत्ती उरांइन को डायन बता कर हत्या करनेवाले तीन लोगों को कोर्ट ने...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 04:00 AM IST
चान्हो थाना क्षेत्र के पंडरी गांव में वृद्ध महिला बत्ती उरांइन को डायन बता कर हत्या करनेवाले तीन लोगों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। हत्या 25 जुलाई 2009 को की गई थी। कोर्ट ने तीनों पर अलग से ₹13000 रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर तीनों को अलग से साढ़े चार महीने की सजा काटनी होगी। यह फैसला न्याय आयुक्त एसएस प्रसाद की अदालत ने बुधवार को सुनाया। उम्रकैद की सजा पानेवालों में रोपना उरांव, महावीर उरांव और सुनील शामिल हैं। कोर्ट ने तीनों को हिरासत में लेकर सजा काटने के लिए जेल भेज दिया। वहीं, मामले में नामित दो अन्य महिलाएं झोपड़ा उड़ान और फगुआ उड़ान को अदालत ने निर्दोष पाकर मामले से रिहा कर दिया।

आरोपियों के खिलाफ 25 जुलाई 2009 को चान्हो थाना थाना में सिंदुआर टोली निवासी लोटन उड़ान ने एफआईआर दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार, 24 जुलाई 2009 की रात नौ बजे आरोपियों ने वृद्धा को उसके घर से घसीटते हुए बाहर निकाला और पीट-पीट कर मार डाला। हत्यारों ने शव को बरामदे में रख दिया। घटना के दौरान डर से एक भी ग्रामीण वृद्धा को बचाने के लिए नहीं आया। कोर्ट में मामले की सुनवाई 9 साल चली। इस दौरान कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से 7 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। कोर्ट ने भादवि की धारा 302 और प्रिवेंशन ऑफ व्हिच क्राफ्ट एक्ट की धारा 3 धारा 4 के तहत तीनों को दोषी पाकर सजा सुनाई।

मांडर में भी डायन बताकर 5 महिलाओं की हुई थी हत्या

मांडर की कंजिया मरिया टोली में भी 8 अगस्त, 2015 को पांच वृद्ध महिलाओं रखिया खलखो, मदनी खलखो, जसिंता टोप्पो, तेतरी खलखो और ऐतवरिया खलखो की हत्या डायन-बिसाही के आरोप में कर दी गई थी। इस मामले में अगस्त, 2018 में कोर्ट ने गांव के 13 लोगों को दोषी पाकर उम्रकैद की सजा दी थी। घटना को लेकर 40 लोगों के खिलाफ मांडर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कोर्ट ने 27 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया था।