टेरर फंडिंग / ट्रांसपाेर्टर साेनू अग्रवाल ने 17 कंपनी में किया 1600 कराेड़ का निवेश



दुर्गापुर के विधाननगर स्थित सोनू अग्रवाल का घर। इनसेट में सोनू। दुर्गापुर के विधाननगर स्थित सोनू अग्रवाल का घर। इनसेट में सोनू।
X
दुर्गापुर के विधाननगर स्थित सोनू अग्रवाल का घर। इनसेट में सोनू।दुर्गापुर के विधाननगर स्थित सोनू अग्रवाल का घर। इनसेट में सोनू।

  • राष्ट्रीय जांच एजेंसी की तफ्तीश में खुलासा, चार्जशीट जल्द दायर होगी
  • बरामद डायरी में कंपनियों द्वारा टीपीसी तथा पीएलएफआई को लेवी देने का जिक्र

Dainik Bhaskar

Jul 16, 2019, 03:03 AM IST

रांची (अमित सिंह). चतरा जिले के टंडवा स्थित मगध व आम्रपाली कोयला परियोजना से टेरर फंडिंग मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) काे कोयला कारोबारी व ट्रांसपाेर्टर सोनू अग्रवाल अरबाें के इनवेस्टमेंट का पता चला है। पांच साल के अंदर साेनू अग्रवाल ने 17 कंपनियाें में तकरीबन 1600 कराेड़ रुपए का निवेश किया है।

 

आयरन स्मेलटिंग पिंग आयरन के छह से अधिक बीमार प्लांटाें काे खरीदा है। इतना ही नहीं, साेनू अग्रवाल ने रांची, दुर्गापुर, हजारीबाग, धनबाद सहित कई शहराें में जमीन की भी खरीदारी की है। एनअाईए की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसी काे उम्मीद है कि जल्द ही साेनू अग्रवाल के पार्टनर्स का भी खुलासा हाेगा। एनआईए जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेगी।


साेनू अग्रवाल चर्चा में तब आया था, जब कोयला कारोबार के दौरान तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के नक्सलियों को 25 करोड़ रुपए की फंडिंग से संबंधित जानकारी एनआईए काे मिली थी। टीएसपीसी के नक्सली आक्रमण जी उर्फ नेता जी से सोनू अग्रवाल और उसके कर्मियों की मिलीभगत की सूचना एनआईए को मिली थी। 

 

डायरी से मिली जानकारी
दुर्गापुर के विधाननगर स्थित सोनू अग्रवाल के आवास से एनआईए की टीम काे लेवी और पैसों के लेन-देन से जुड़ी डायरी मिली थी। इसमें कंपनियों द्वारा टीपीसी तथा पीएलएफआई को लेवी देने का जिक्र था। पुलिस और सीसीएल अधिकारियों को दिए गए भुगतान का लेखा-जोखा भी कंप्यूटर के हार्ड डिस्क और डायरी से सामने आ रहा है। साेनू अग्रवाल ने विभिन्न कंपनियाें में इनवेस्टमेंट किया है, इसका खुलासा कई देनदाराें ने किया है। साेनू अग्रवाल की कंपनी से जिन्हें राशि मिलनी थी, उसे दूसरी कंपनी से भुगतान करवाया गया। ऐसे कई भुगतान के साक्ष्य एनआईए के हाथ लगे हैं। एजेंसी को जो जानकारी हाथ लगी है, उससे कई सफेदपोशों की परेशानी बढ़ सकती है। 

 

जमीन में कराेड़ाें का इनवेस्टमेंट 
एनआईए काे ट्रांसपोर्टरों के यहां की गई छापेमारी में जमीन में पैसे इनवेस्ट किए जाने के कई डॉक्यूमेंट मिले थे। जांच के दौरान पता चला है कि कोल कंपनी के अफसरों व ट्रांसपोर्टरों की ब्लैक मनी से रांची के तुपुदाना और रातू में बड़े प्लॉट खरीदे गए हैं। मगध-आम्रपाली कोल प्रोजेक्ट में लेवी वसूली के सरगना सुभान मियां ने पूछताछ में बताया है कि सीसीएल के कई अफसराें ने भी अपने काले धन से जमीन की खरीदारी की हैं। एक साथ कई अफसराें ने रांची के रातू में बड़ा प्लाॅट लिया है।


इन कंपनियाें में निवेश 
दुर्गापुर के बामूनारा स्थित जय श्री फैक्ट्री, बांकुड़ा जिले के बड़जोड़ा मालीयारा स्थित अंकित स्टील प्राइवेट लिमिटेड, आधुनिक इस्पात कंपनी सहित दर्जनाें ट्रांसपाेटिंग कंपनियाें में निवेश किया है। उक्त उद्योंगों के आसपास की जमीन की हो रही खरीद-बिक्री में से 70% जमीन भी खरीदी है।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना