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छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, वॉर्डन बोेलीं- स्कूल में भूत का साया, कराई झाड़-फूंक

3 वर्ष पहले
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  • हालत और भी बिगड़ने पर तीन छात्राओं को अस्पताल में कराना पड़ा भर्ती
  • कुछ दिन पहले विद्यालय में एक छात्रा की मौत हो गई थी, तभी से डर
  • लोग बोले, जब वॉर्डन ही टोना-टोटका करा रही हों, तो छात्राओं की मन:स्थिति समझी जा सकती है

हेरहंज. प्रखंड मुख्यालय स्थित झारखंड आवासीय बालिका विद्यालय की तीन छात्राएं गुरुवार को बीमार हो गईं। उन्हें सीएचसी बालूमाथ में भर्ती कराया गया है। विद्यालय की वाॅर्डन मारिया गोरेती खेस ने पत्रकारों के सामने कहा कि स्कूल में भूत का साया है। इसे लेकर मैंने कई बार झाड़-फूंक व टोना-टोटका भी कराया है। लेकिन, अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। 


वाॅर्डन ने बताया कि बुधवार की रात्रि को 11 बजे छात्रा कविता कुमारी की तबीयत बिगड़ने लगी। उसकी धड़कन तेज हो गई और डर से कांपने लगी। इसके बाद हेरहंज सरकारी अस्पताल के निरंजन कुमार के पास दिखलाया गया। वार्डन के अनुसार कविता डरी हुई थी। वार्डन ने पत्रकारों के समक्ष विद्यालय में भूत-पिशाच की बात कह कर चौंका दिया। कहा कि कविता डरने और रोने की शिकायत के बाद हल्दी सटाया गया था। गुरुवार को विद्यालय की दो अन्य छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद सातवीं की छात्रा दिलो कुमारी सेरेनदाग, नौवीं की छात्रा कविता कुमारी सेरेनदाग व छठी की छात्रा काजल कुमारी बरहमोरिया की तबीयत खराब होने के बाद बालूमाथ अस्पताल लाया गया, जहां तीनों का इलाज कराया जा रहा है।

 

इसी विद्यालय में पिछले दिनों तुलसमनी कुमारी नामक छात्रा की मौत हो गई थी। लोगों का कहना है कि जब वाॅर्डन ही भूत-पिशाच को मान कर टोना-टोटका करा रही हों तो ग्रामीण क्षेत्र से आनेवाली छात्राओं की मन:स्थिति पर क्या असर पड़ेगा। अंधविश्वास से जहां मुक्ति दिलाने के लिए सरकार कई कार्यक्रम चला रही है, वहीं वाॅर्डन द्वारा छात्राओं को अंधविश्वास का पाठ पढ़ाया जा रहा है। आने वाले दिनों में डरी सहमी छात्राएं पढ़ाई छोड़कर घर की राह न पकड़ लें, इसके लिए जिला प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।