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संत किसी जाति और धर्म के नहीं होते

जिलेभर में बुधवार को संत रविदास की 641वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। जिला मुख्यालय के बाईपास चौक, अमवाटीकर व सदर...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:25 PM IST
संत किसी जाति और धर्म के नहीं होते
जिलेभर में बुधवार को संत रविदास की 641वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। जिला मुख्यालय के बाईपास चौक, अमवाटीकर व सदर प्रखंड के केड़ू ग्राम समेत कई इलाकों में समारोह आयोजित कर संत रविदास की जयंती मनाई गई। कई जगहों पर भगवान रविदास की प्रतिमा स्थापित कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चना की गई।

केड़ू ग्राम में आयोजित समारोह में आशा देवी ने कहा कि संतों का कोई जाति व धर्म नहीं होता। उनका अवतार ही मानव कल्याण के लिए होता है। मुकेश पांडेय व प्रेमचंद पांडेय ने कहा कि संत रविदास एक पहुंचे हुए संत थे, हमें उनके बताये गए मार्ग पर चलकर जाति, धर्म, संप्रदाय से ऊपर उठकर मानव मात्र के कल्याण की बात सोचनी चाहिए। समिति के अध्यक्ष उमेश मोची, सचिव तेमान कुमार व कोषाध्यक्ष राजू कुमार मोची ने कहा कि मन शुद्ध हो, विचार स्वच्छ हो तो हम अपने नित्य कर्म कर भी परमात्व को प्राप्त कर सकते हैं। व्यक्ति अपने कर्मों से महान बनता है। इस अवसर पर कई लोग उपस्थित थे।

इधर, बारियातू प्रखंड के डाढ़ा, मकरा, फुलसू, टोंटी तथा टुंडाहुटू में संत बाबा रविदास, श्रीकृष्ण व गंगा मईया की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। वहीं, हेरहंज प्रखंड के हरिजन मोहल्ला के अंबेदकर भवन, नवादा, हुंडरा, बरवाडीह के पोखरीखुर्द में संत रविदास की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। इसी प्रकार, जिले के बालूमाथ, मनिका, बरवाडीह, गारू, बेतला, महुआडांड़ प्रखंड में भी संत रविदास जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

लातेहार के केड़ू ग्राम में संत रविदास की पूजा करते श्रद्धालु।

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