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13 ब्रह्मचारियों का हुआ उपनयन

उत्कलीय ब्राह्मण समाज सरायकेला के तत्वावधान में रविवार को सामूहिक उपनयन संस्कार कार्यक्रम किया गया। सरायकेला...

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 03:40 AM IST
उत्कलीय ब्राह्मण समाज सरायकेला के तत्वावधान में रविवार को सामूहिक उपनयन संस्कार कार्यक्रम किया गया। सरायकेला स्थित प्राचीन जगन्नाथ श्री मंदिर के प्रांगण में किए गए उक्त उपनयन संस्कार कार्यक्रम का शुभारंभ दूर दराज से पधारे समाज के गणमान्य अतिथियों का स्वागत कर किया गया। अतिथि के रूप में पश्चिमी सिंहभूम के जिला मुख्य न्यायाधीश मनोरंजन कवि, कोल्हान विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर प्रभात कुमार पाणि, वरिष्ठ अधिवक्ता विश्वनाथ रथ, के पी दुबे, गोलक बिहारी पति सहित अन्य अतिथियों का स्वागत भी किया गया। मौके पर अतिथियों द्वारा उत्कलीय ब्राह्मण समाज सरायकेला द्वारा समाज के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई। इसके पश्चात उपनयन संस्कार का शुभारंभ करते हुए कुल 13 ब्रह्मचारियों का उपनयन पंडितों की मंडली द्वारा कराया गया। सभी ब्रह्मचारियों का उपनयन संस्कार समाज द्वारा निशुल्क कराया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन समाज के अध्यक्ष रमानाथ आचार्य, बादल दुबे, उमाकांत मिश्र एवं निर्मल आचार्य सहित अन्य सदस्यों द्वारा किया गया। इस मौके पर समाज के युवा वर्ग के पार्थ सारथी आचार्य एवं राजेश मिश्र सहित अन्य ने भी सहयोग किया।

सामूहिक व्रत संस्कार में उपस्थित ब्रह्मचारी एवं उनके अभिभावक।

इनका हुआ उपनयन संस्कार

पंडित रामो कवि, पंडित नीलकंठ सारंगी एवं पंडित घासीराम सतपति द्वारा मंत्रोच्चार के बीच ब्रह्मचारी पियूष कुमार सतपति, प्रतीक सतपति, सुमित कुमार कवि, अमित कुमार कवि, आनंद सारंगी, शुभम मिश्रा, ओम शेखर दुबे, मुकेश दास, शुभम सतपति, अनुपम सतपति, विद्याधर कवि, भोला पति एवं विकास सतपति का उपनयन संस्कार कराया गया।

कार्यक्रम का ये है उद्देश्य: सामूहिक उपनयन संस्कार के माध्यम से समाज के लोगों को अपने मूल संस्कारों के प्रति जागरुक बनाना है। साथ ही वर्तमान पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण कर समाज की महानता के प्रति जागृत बनाना है।