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पत्नी के शव का पोस्टमार्टम कराने सरायकेला आए रवींद्र गोप ने रो-रोकर सुनाई व्यथा, कहा

सड़क दुर्घटना में मां की मौत के बाद बच्चों को संभालती उनकी दादी। सड़क हादसा 7 लोगों की हो चुकी है मौत सभी के...

Dainik Bhaskar

Apr 06, 2018, 03:45 AM IST
पत्नी के शव का पोस्टमार्टम कराने सरायकेला आए रवींद्र गोप ने रो-रोकर सुनाई व्यथा, कहा
सड़क दुर्घटना में मां की मौत के बाद बच्चों को संभालती उनकी दादी।

सड़क हादसा

7 लोगों की हो चुकी है मौत सभी के शव का सरायकेला में हुआ पोस्टमार्टम

दिनभर सरायकेला से लाश आने का इंतजार करते रहे ग्रामीण

भास्कर न्यूज |सरायकेला/राजनगर

राजनगर-चाईबासा मार्ग पर खैरबनी के पास बुधवार को हुए सड़क हादसे में 7 महिलाओं की मौत से पूरे क्षेत्र में मातमी सन्नाटा पसरा है। मृतकों में सभी महिलाएं हैं। सड़क दुर्घटना की खबर झलक गांव पहुंचते ही गांव में मातम छा गया। गुरुवार दोपहर तक गांव के किसी घर पर चूल्हे नहीं जले। ग्रामीण लाश आने का इंतजार करते रहे। मालूम हो कि झलक गांव के महिला सोईतो गोप की इस दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनका एक बेटा इंद्रजीत गोप (4) व प्रियंका गोप (5) है। बच्चों को अभी तक पता नहीं है कि अब उनकी मां इस दुनिया में नहीं रही। उन्हें सिर्फ यही बताया गया है कि उनकी मां हॉस्पिटल में है, जहां उनका इलाज चल रहा है। सोइतो गोप की मां पुष्पा गोप बच्चों को संभाल रही है। इधर गुरुवार को सभी मृतकों के शव को सरायकेला पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। जहां कीता गांव के रहने वाले सुराही टुडू की प|ी बासी टुडू, उनकी 5 वर्षीय बच्ची लवली टुडू की मौत हुई है। उनके दो और बच्चे भी हैं। पोस्टमार्टम कराने आए सुराई टुडू ने कहा कि वे अब जीवन कैसे जिएंगे। उनके बच्चों की मां की कमी कैसे दूर करेंगे। झलक गांव के रवींद्र गोप ने अपनी प|ी श्वेता गोप को इस हादसे में खोया है। उनके भी दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। ऐसे में उन्हें पालन-पोषण करने की चिंता सता रही है। उन्होंने कहा कि घर में बच्चे रो रहे हैं तथा मां के लौटने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद कैसे उनकी मां के शरीर को घर लेकर जाएं। बच्चों को क्या बताएं। कुछ समझ नहीं आ रहा है। पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचे केलू गोट गांव के तथा ऑटोडीह गांव के लोग मौजूद थे। इस दौरान हर किसी की आंखे नम थी।

छोटे-छोटे बच्चे अपनी मां के लौटने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, कैसे घर ले जाएं शव

झलक गांव में पसरा रहा मातमी सन्नाटा, किसी के घर नहीं जले चूल्हे

देर रात एमजीएम में 2 और महिलाओं की मौत

हाता-चाईबासा मुख्य सड़क पर टाटा मैजिक और क्रेन के सीधी टक्कर में मरनेवालों की संख्या 7 हो गई है। कुछ घायलों को एमजीएम रेफर कर दिया गया था। यहां देर रात घायल सुमित्रा व बप्पी गोप की इलाज के क्रम में मौत हो गई। इस घटना से- झलक गांव में मातम छाया रहा। लोग शव आने का इंतजार करते रहे।

सेविकाओं से वार्ता करते बीडीओ।

आंगनबाडी सेविकाओं ने 4 घंटे तक किया सड़क जाम

सड़क दुर्घटना में 7 महिलाओं की मौत हुई थी। इसमें एक आंगनवाड़ी सेविका व उनकी 9 वर्षीय पुत्री भी शामिल थी। मुआवजा की मांग को लेकर गुरुवार की दोपहर 2:15 बजे आंगनबाड़ी सेविकाओं ने प्रखंड अध्यक्ष शुकंतला सांवरिया के नेतृत्व में थाना के समीप ही सड़क जाम कर दिया। इस जाम में आंगनबाड़ी सेविका के जिला अध्यक्ष कृष्णा महतो भी शामिल थे। 4 घंटे सड़क जाम के बाद बीडीओ प्रेमचंद कुमार सिन्हा, अंचलाधिकारी निवेदिता नियति सेविकाओं से वार्ता की। बीडीओ ने सेविकाओं को लिखित आश्वासन दिया की वाहन मालिक से वार्ता कराएंगे व मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे। इसके बाद शाम 6 बजे जाम हटा।

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