Hindi News »Jharkhand »Saraikela» स्कूलों के विलय की नीति का एआईडीएसओ ने किया विरोध

स्कूलों के विलय की नीति का एआईडीएसओ ने किया विरोध

बुधवार को एआइडीएसओ की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य में स्कूलों के बंद करने व विलय की नीति का विरोध किया गया।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 15, 2018, 03:50 AM IST

बुधवार को एआइडीएसओ की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य में स्कूलों के बंद करने व विलय की नीति का विरोध किया गया। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्तमान राज्य सरकार ने 5 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने कहा है कि सरकारी स्कूलों के विलय करने से स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। सरकार द्वारा बताया गया कि वैसे सरकारी विद्यालय जहां 50 से कम छात्र पढ़ते हैं, वैसे विद्यालयों को विलय कर दिया जाएगा। इस संबंध में एआईडीएसओ की राज्य अध्यक्ष आशा रानी पाल ने बताया कि स्कूलों के विलय करने की शिक्षा विरोधी नीति के कारण झारखंड के सभी जिलों में सैकड़ों सरकारी विद्यालय बंद हो जाएंगे । इसमें बोकारो में 151, सरायकेला खरसावां में 555, हजारीबाग में 339 विद्यालय बंद कर दिए जाएंगे। सरकारी स्कूलों के विलय करने के लिए विभाग द्वारा तैयार किए गए मानक में कई कमियां है। वर्ष 2002 में 15 से 20 बच्चों को ध्यान में रखकर 1 किलोमीटर के दायरे में विद्यालय स्थापित किया गया था, विलय करने की नीति से सरकारी स्कूलों की दूरी बढ़ेगी, जिसमें सरकार की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में बच्चे पढ़ने के लिए नहीं जा सकेंगे। ऑल इंडिया डीएसओ यह मांग करता है कि अविलंब सरकारी स्कूलों के विलय की नीति को वापस लिया जाए, अन्यथा संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। प्रेस विज्ञप्ति कार्य सचिव पूर्णिमा टुडू ने जारी किया है।

आंदोलन की दी चेतावनी

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Saraikela

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×