Hindi News »Jharkhand »Saraikela» पारा शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध

पारा शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 7 सूत्री मांगों को लेकर चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन के तहत सोमवार से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 13, 2018, 03:50 AM IST

पारा शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध
एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 7 सूत्री मांगों को लेकर चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन के तहत सोमवार से जिले के पारा शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य किया। मोर्चा के जिलाध्यक्ष सोनू सरदार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की उपेक्षा नीति के कारण आंदोलन का यह कार्यक्रम 4 अप्रैल तक चलाया जाएगा। इसमें पारा शिक्षक मैट्रिक और इंटरमीडिएट के वीक्षण कार्य और बीएलओ कार्य का बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही 27 मार्च से होने वाली कक्षा पहली से सातवीं के वार्षिक मूल्यांकन कार्य का भी बहिष्कार करेंगे। उन्होंने बताया कि 4 अप्रैल तक पारा शिक्षकों की जायज 7 सूत्री मांगों को नहीं मानें जाने की स्थिति में 5 अप्रैल को राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री आवास घेराव किया जाएगा। बीते 10 मार्च को प्रदेश स्तर पर किए गए शिक्षा मंत्री आवास घेराव कार्यक्रम को विफल बनाने में उन्होंने प्रशासन तंत्र की भूमिका बताई। इसके बावजूद भी राज्य भर के पारा शिक्षकों के उत्साह को उन्होंने ऐतिहासिक बताया।

खरसावां : पारा शिक्षकाें ने समान काम पर समान वेतन मांगा

खरसावां। खरसावां के एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के द्वारा पारा शिक्षकों समान काम पर समान वेतन देने, विद्यालय विलय प्रक्रिया पर अविलंब रोक लगाने सहित विभिन्न मांगों पर पारा शिक्षकों का चरणबद्व आंदोलन शुरू हो चुका है। सोमवार को पारा शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर काम किया। साथ ही प्रखंड संसाधन केन्द्र खरसावां में एकत्रित होकर आंदोलन भी किया। पारा शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग द्वारा पूरे राज्य में हजारों विद्यालय खोला गया था। लेकिन विद्यालय विलय प्रक्रिया प्रारंभ कर कई स्कूलों को बंद करने की फरमान जारी कर दिया है। सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों गरीब बच्चों के हित में विद्यालय विलय प्रक्रिया को अविलंब रोकने की मांग की गई। इसके अलावे सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयानुसार समान कार्य के लिए समान वेतन की प्रक्रिया झारखंड में अविलंब लागू करने, वर्ष 2015 के आंदोलन के दौरान सरकार के द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार ईपीएफ व जीपीएफ से पारा शिक्षक को जोड़ने आदि की मांग की गई।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Saraikela

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×