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सरकारी व गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थान अब होंगे टोबैको फ्री जोन

जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थान अब तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित किए जाएंगे। इसके तहत तंबाकू...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 20, 2018, 04:40 AM IST

जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थान अब तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित किए जाएंगे। इसके तहत तंबाकू नियंत्रण अधिनियम कोटपा-2003 की धारा 6 का अनुपालन करते हुए प्रत्येक शिक्षण संस्थान के बाहर मुख्य द्वार पर वैद्यानिक चेतावनी का दीवार लेखन किया जाएगा। इसके साथ ही सभी कार्यालयों को भी धूम्रपान मुक्त घोषित करते हुए धूम्रपान निषेध बोर्ड लगाया जाएगा। इस संबंध में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखंड सरकार के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने उपायुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश जारी कर तत्काल प्रभाव से उक्त विषय पर अमल करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हाल ही में प्रकाशित वैश्विक व्यस्क तंबाकू सर्वेक्षण गेट्स- दो 2016 -17 के आंकड़े बताते हैं कि झारखंड के 38.9% व्यस्त किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। जो गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही तंबाकू का सेवन देश में तेजी से बढ़ रही स्वास्थ्य समस्या है। इसे देखते हुए विभाग कवायद कर रहा है।

मुख्य उद्देश्य

कम उम्र के युवाओं एवं जनसमूह को तंबाकू उत्पाद की पहुंच से रोकना, इनको तंबाकू की हानिकारक लत से रोकना तथा इसके परिष्करण को सीमित करना और इसके विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाना है। आंकड़े बताते हैं कि हर साल भारत में तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारी से 12 लाख लोगों की मौत हो रही है। तंबाकू सेवन से सिर, गर्दन, गले और फेफड़े के कैंसर के मामले सर्वाधिक हैं। सभी प्रकार के कैंसर में तंबाकू के सेवन से जुड़े कैंसर का हिस्सा 40% है। एवं 90% ओरल कैंसर तंबाकू के प्रयोग से होते हैं। प्राय: देखा जाता है कि शैक्षणिक संस्थानों के परिसर एवं आसपास तंबाकू उत्पाद जैसे सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला, जर्दा व खैनी आदि की बिक्री की जाती है। इससे कम उम्र के युवाओं व छात्रों में धूम्रपान व तंबाकू सेवन की लत को बढ़ावा मिलता है।

क्या है प्रावधान- तंबाकू नियंत्रण अधिनियम कोटपा- 2003 की धारा 6 में प्रावधान दिया गया है कि 18 वर्ष से कम आयु के युवा एवं बच्चों को तंबाकू उत्पाद नहीं बेचा जा सकता है। साथ ही किसी भी शैक्षणिक संस्थान के आसपास 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर प्रतिबंध है।

कम उम्र के युवाओं तक तंबाकू की पहुंच को रोकना

शैक्षणिक संस्थानों और अधीनस्थ कार्यालयों को धूम्रपान मुक्त बनाने के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव के आवश्यक निर्देश मिले हैं। उक्त विषय पर विभाग द्वारा कवायद की जा रही है।- अलका जायसवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी

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