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जांच रिपोर्ट में खुलासा, स्कूल संचालक के भगिना ने छात्र के साथ की थी मारपीट

सरायकेला के इंद्रटांडी स्थित बाल विकास शिक्षा निकेतन आवासीय विद्यालय में बीते रविवार को हुई छात्र सूरज की मौत का...

Danik Bhaskar | Apr 27, 2018, 03:15 AM IST
सरायकेला के इंद्रटांडी स्थित बाल विकास शिक्षा निकेतन आवासीय विद्यालय में बीते रविवार को हुई छात्र सूरज की मौत का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां पुलिस प्रशासन द्वारा घटना के पांचवें दिन भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा करने और आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर जिला शिक्षा अधीक्षक फुलमनी खलको द्वारा बीते मंगलवार को इस संबंध में की गई जांच का प्रतिवेदन उपायुक्त को सौंप दिया गया है। इसमें उन्होंने कुल 14 बिंदुओं पर विद्यालय की स्थिति की जानकारी दी है। इसमें बताया है कि घटना के दिन विद्यालय के तथाकथित शिक्षक और विद्यालय संचालक विद्याभूषण सिंह का भगिना आयुष कुमार ने छात्र सूरज के साथ डांट-फटकार और मारपीट की थी। इधर बतौर आयुष कुमार ने बताया गया कि वह विद्यालय का शिक्षक नहीं है। लेकिन वहां रहते हुए किसी शिक्षक की अनुपस्थिति में गणित की क्लास लेता है। हालांकि उसने मारपीट की घटना से इनकार किया है।

पुलिस प्रशासन को अब भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

परिवार के साथ सूरज। (लाल घेरे में)

दहशत में बच्चे, छोड़ रहे हैं विद्यालय

घटना की भयावहता और घटना के बाद प्रतिदिन हो रही जांच से विद्यालय के बच्चे सहमे हुए हैं। वही अभिभावक भी स्थिति को देखते हुए अपने बच्चों को वापस ले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि तकरीबन 70 फीसदी बच्चे अब तक विद्यालय छोड़कर जा चुके हैं। बाल विकास शिक्षा निकेतन में छात्रावास के 20 कमरे में 590 बच्चे रह रहे थे। कमरों की साइज मात्र 300 वर्ग फीट की है।

क्या कहते हैं जानकार - 12 वर्षीय छात्र सूरज द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले पर बालमन के जानकार फिजियोथेरेपिस्ट पिंकी चाकी बताती हैे कि व्यस्क स्थिति यानी 20 से 21 वर्ष से पूर्व के बच्चों में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की भावना के उत्पन्न होने की संभावना लगभग नहीं है। ऐसे बच्चे आवेश या क्रोध में इस तरह के प्रयास कर सकते हैं। इनके मन में आत्महत्या और वह भी फंदे से झूलते हुए आत्महत्या करने का विचार जागना भी कठिन कहा जा सकता है।

जिला शिक्षा अधीक्षक की जांच रिपोर्ट

जिला शिक्षा अधीक्षक की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि विद्यालय 16 जनवरी 1997 से संचालित है। इसकी मान्यता के लिए वर्ष 2016 में प्राथमिक शिक्षा निदेशक को आवेदन दिया गया है। विद्यालय में एलकेजी से आठवीं कक्षा तक कुल 610 बच्चे पढ़ते हैं। जिसमें से 590 बच्चे छात्रावास के 20 कमरों में रह कर पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य सहसंचालक विद्याभूषण सिंह द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर बताया कि 21 अप्रैल को मृतक छात्र सूरज द्वारा यूकेजी के छात्र देवाशीष महतो की पिटाई की थी। इसके बाद रविवार को अभिभावक मीट के क्रम में देवाशीष के अभिभावक ने इसकी शिकायत विद्यालय प्रबंधन से की। इस संबंध में मृतक छात्र सूरज के रूम पार्टनर संजय जारिका व आकाश दास द्वारा बताया गया कि आयुष कुमार द्वारा सूरज को डांटा गया था। इसके बाद शाम 7बजे आकाश कर को उसे खोजने के लिए भेजा गया।

जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत होगी जांच

जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष महावीर महतो ने उक्त घटना को दु:खद बताया है। उन्होंने कहा है कि जिला बाल संरक्षण आयोग और बाल कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में टीम का गठन कर लिया गया है। और जल्द ही गठित टीम द्वारा उक्त विद्यालय के जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत निबंधित होने या नहीं होने की जांच की जाएगी। एक्ट के तहत निगमित नहीं होने की स्थिति में कार्रवाई होगी।