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सरायकेला का पारा 43, खरसावां का 44 पहुंचा, उमस ने छुड़ाए पसीने

सरायकेला सहित आसपास के क्षेत्र में मंगलवार को सर्वाधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। पारा 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच...

Danik Bhaskar | May 09, 2018, 03:55 AM IST
सरायकेला सहित आसपास के क्षेत्र में मंगलवार को सर्वाधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। पारा 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। गर्मी में आम जनजीवन के साथ जानवरों को भी आश्रय तलाशने के लिए बेबस कर दिया। 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचे तापमान से आम जनजीवन बेहाल दिखे। चढ़ते हुए दिन के साथ तापमान के बढ़ने से सरायकेला मुख्य बाजार सहित मुख्य मार्गों पर भी इसका प्रभाव दिखा। दिन के 12:00 बजे के बाद से ही मुख्य बाजार व सड़क मार्गों पर सन्नाटा पसरने लगा। इस दौरान बाजार क्षेत्र में इक्के-दुक्के लोग ही दिखे। जबकि सड़क मार्ग पर यात्री सहित वाहन भी कम चल रहे थे। भीषण गर्मी और उमस को लेकर शीतल पेय पदार्थों व खरबूजे की बिक्री जोरों पर रही। इस दौरान लोग शरीर को तौलिए से ढंक कर घर से बाहर निकले।

दोपहर 12:30 बजे- दकानें बंद, सड़क से गुजरता बाइक सवार।

ऐसे चढ़ा मंगलवार का तापमान

प्रातः 6:00 बजे- 27.6

प्रातः 8:00 बजे- 32.4

पूर्वाह्न 10:00 बजे- 36.8

मध्याह्न 12:00 बजे- 40.3

अपराह्न 2:00 बजे- 43.2

अपराह्न 4:00 बजे- 39.4

शाम 6:00 बजे- 33.1

आज भी जारी रहेगा भीषण गर्मी का प्रभाव, रहंे सावधान

आगे का पूर्वानुमान

खरसावां में भीषण गर्मी, पारा 44 पर

खरसावां| आसमान से बरसती आग में धरती तप रही है। दिन का तापमान 44 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मई के दूसरे पखवाड़े में तापमान बढ़कर 46 डिग्री के पार पहुंचाने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो एक दो दिनों में लू चलेगी। पशु-पक्षी भी प्रचंड गर्मी में छांव ढूंढते रहे। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बाजार में भी मंदा छाया रहा। ग्राहकों का खरीदारी के लिए दुकानों की ओर जाना काफी कम हुआ है।

बुधवार 44-23

गुरुवार 39-22

शुक्रवार 41-21

शनिवार 41-22

छांव की तलाश में भटकते दिखे लोग

सरायकेलाा से प्रतिदिन दर्जनों यात्री वाहन जमशेदपुर, चाईबासा, खरसावां, रांची, राजनगर, चांडिल एवं कुचाई क्षेत्र के लिए आवागमन करते हैं। इसमें सैकड़ों की संख्या में सरायकेला सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ऐसी यात्रियों के लिए ना तो बस पड़ाव है और ना ही यात्री शेड की सुविधा। इस कारण दूरदराज गांव से सरायकेला पहुंचने वाले यात्रियों को छांव की तलाश में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इधर बीते वर्षों में सड़क निर्माण को लेकर मुख्य सड़क मार्ग के किनारे के सभी छायादार वृक्षों को काट दिया गया था।