• Hindi News
  • Jharkhand
  • Saraikela
  • स्कूली बच्चों ने उपहार देकर मां को किया सम्मानित

स्कूली बच्चों ने उपहार देकर मां को किया सम्मानित / स्कूली बच्चों ने उपहार देकर मां को किया सम्मानित

Bhaskar News Network

May 14, 2018, 04:05 AM IST

Saraikela News - मदर्स डे के मौके पर सरायकेला सहित आसपास के क्षेत्रों में भी उल्लास का माहौल रहा। इस अवसर पर विशेष रूप से बच्चों और...

स्कूली बच्चों ने उपहार देकर मां को किया सम्मानित
मदर्स डे के मौके पर सरायकेला सहित आसपास के क्षेत्रों में भी उल्लास का माहौल रहा। इस अवसर पर विशेष रूप से बच्चों और युवाओं ने अपनी अपनी माताओं को भरपूर सम्मान दिया। कइयों द्वारा इस मौके पर अपनी माता को उपहार देकर और विशेष रूप से सेवा कर सम्मान दिया गया। वहीं माताओं को भी मदर्स डे के मौके पर भरपूर स्नेह बांटते हुए देखा गया। जबकि क्षेत्र के बुद्धिजीवियों एवं बुजुर्गों के अनुसार सृष्टि की अनुपम रचना मां के सम्मान के लिए कोई दिन विशेष संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा के अनुसार मां हर दिन हर पल पूजी जाने वाली होती है।

प्रकृति भी बताती है मां का लालन:- सिर्फ मानव जाति में ही नही प्रकृति में अन्य जीव और पौधे भी मां की ममता को दर्शाते हैं। मां चाहे तो जन्मदात्री हो या फिर पालन करने वाली धाय माता सभी रूपों में वंदनीय मानी जाती रही हैं। ऐसा ही एक उदाहरण सरायकेला के धुआनसाई स्थित बगीचे में बीते तकरीबन 15 वर्षों से देखा जा रहा है। जहां मां के स्वरुप में एक बरगद के वृक्ष में अपनी गोद में एक ताड़ के वृक्ष को पाल पोस कर बड़ा किया है। ताड़ का वृक्ष वर्तमान में तकरीबन 15 फीट से ऊंचा बरगद के पार तक सीधा बढ़ा हुआ है। इसे कुछ आमजन सामान्य तो कई वात्सल्य प्रेम का अनूठा उदाहरण भी बताते हैं।

अशोका इंटरनेशनल स्कूल में मदर्स डे मनाते विद्यार्थी।

अशोका इंटरनेशनल स्कूल में मना मदर्स डे

खरसावां।
खरसावां प्रखंड के बुढितोपा गांव में संचालित अशोका इंटरनेशनल स्कूल में धूमधाम से मदर्स डे मनाया गया। स्कूल के प्राचार्य शशिकांत सिंह व निदेशक सत्यनारायण प्रधान ने कहा कि मदर्स डे मां का दिन, वैसे तो हर दिन मां के लिए होता है। बहुत से ऐसे बच्चे हैं जो बड़े होकर मां के महत्व को नहीं समझते और उन्हें बुढ़ापे में अकेला छोड देते है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों को आज से ही इसकी सोख दी जाए। मां अपने बच्चों के लिए जितना समर्पित होती है। उतना समर्पण दुनिया के किसी रिश्ते में नहीं होती। इसलिए मां का सम्मान सबसे बड़ा धर्म है। इस दौरान आकाश महतो व बेबी मुस्कान ने अन्य स्कूल बच्चों के साथ रंगारंग सांस्कृतिक नाटक की प्रस्तुति देकर मां-बच्चे की ममता से जुड़ा संदेश दिया। इस दौरान मुख्य रूप से अमिय शंकर मंडल, रीता गोप, अभिषेक अधिकारी, शदाव अनवर, अवरार कुरैशी, नामरीता सिंहदेव, नरेश कुमार आदि शिक्षक व स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

X
स्कूली बच्चों ने उपहार देकर मां को किया सम्मानित
COMMENT