Hindi News »Jharkhand »Saraikela» जिले में रजिस्टर्ड निजी अस्पताल सिर्फ 40 फीसदी अब बिना रजिस्ट्रेशन के संचालन पर होगी कार्रवाई

जिले में रजिस्टर्ड निजी अस्पताल सिर्फ 40 फीसदी अब बिना रजिस्ट्रेशन के संचालन पर होगी कार्रवाई

जन जन को सुरक्षित व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एवं रेगुलेशन...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 22, 2018, 04:05 AM IST

जिले में रजिस्टर्ड निजी अस्पताल सिर्फ 40 फीसदी अब बिना रजिस्ट्रेशन के संचालन पर होगी कार्रवाई
जन जन को सुरक्षित व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एवं रेगुलेशन एक्ट 2010 लागू है। इसकी धारा 11 के तहत कोई भी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाली संस्था बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित नहीं की जा सकेगी। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक प्रमुख डॉ सुमंत मिश्रा ने इस संबंध में सिविल सर्जन को पत्र लिखकर अपंजीकृत निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक ओम डायग्नोस्टिक सेंटर सहित वैसे सभी प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जहां मरीजों को चिकित्सीय सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने ऐसे संस्थानों का संचालन गैरकानूनी बताते हुए संस्थानों पर धारा 41(1) के तहत एवं वहां सेवा देने वाले कर्मियों पर धारा 41(2) के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी के माध्यम से प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन एवं नवीनीकरण कराए जाने संबंधी निर्देश भी दिए हैं। इसमें राज्य क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एवं रेगुलेशन) रूल 2013 की कंडिका 63 का पालन करते हुए प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन एवं नवीकरण के लिए जाने वाले आवश्यक शुल्क की भी जानकारी दी है। वर्तमान तक जिले में कुल 80 निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक एवं डायग्नोस्टिक सेंटर प्रॉपर रजिस्ट्रेशन के तहत संचालित हैं। जबकि रजिस्टर्ड संस्थानों की संख्या जिले के लिए मात्र 40% बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे दर्जनों निजी स्वास्थ्य संस्थान संचालित है।

क्या है उद्देश्य:- सारे नॉर्म्स को पूरा करते हुए संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं नियमानुसार प्राप्त हो सकेंगे। इससे मरीजों को सुरक्षित और पर्याप्त इलाज सुविधा मिल सकेगी।

प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन एवं नवीकरण के लिए निर्धारित शुल्क

1. क्लीनिकल एवं कंसलटेशन (सोलो प्रैक्टिशनर)-500 रुपए

2. पॉली क्लीनिक (ग्रुप प्रैक्टिशनर)-1000 रुपए

3. एक से तीस बेड वाले हॉस्पिटल या नर्सिंग होम-500 रुपए

4. 31 से 100 बेड वाले हॉस्पिटल या नर्सिंग होम-1000 रुपए

5. 100 से अधिक बेड वाले हॉस्पिटल या नर्सिंग होम-1500रुपए

6. डायग्नोस्टिक लैबोरेटोरिज-1000 रुपए

7. डायग्नोस्टिक सेंटर-1500 रुपए

8. फिजियोथेरापी यूनिट:-1500 रुपए

इसके अलावा विषयवार नवीकरण या अन्य विषयों पर अलग अलग नियमानुसार निर्धारित शुल्क के आधार पर पंजीकरण किया जा सकेगा। जिसने आवश्यक कागजातों के साथ प्राप्त आवेदन पर डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी अंतिम निर्णय लेगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Saraikela

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×