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शौच के लिए जा रही युवती को हाथी ने पटककर मार डाला

सरायकेला वन क्षेत्र अंतर्गत डुमरा गांव में मंगलवार सुबह जंगली हाथियों ने 18 वर्षीय युवती चिंता कुमारी मुंडा को...

Danik Bhaskar | Jun 27, 2018, 04:10 AM IST
सरायकेला वन क्षेत्र अंतर्गत डुमरा गांव में मंगलवार सुबह जंगली हाथियों ने 18 वर्षीय युवती चिंता कुमारी मुंडा को दौड़ाकर पटक दिया। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि चिंता अपनी मां और बहन के साथ शौच के लिए गांव से सटे वन क्षेत्र की ओर जा रही थी। तभी जंगली हाथियों के झुंड ने उन्हें दौड़ाना शुरू कर दिया। इसमें बाकी सभी तो तेज दौड़ते हुए भाग निकले लेकिन चिंता जंगली हाथियों की पकड़ में आ गई। इसके बाद जंगली हाथियों के झुंड ने चिंता को बार-बार पटका। इसमें गंभीर रूप से घायल चिंता की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देखा कि युवती की मौत हो चुकी है। सभी ग्रामीण जंगली हाथियों से दहशत में हैं।

वन विभाग ने सहायता राशि के रूप में ₹25000 रु. दिए, बाकी के 3.17 लाख बाद में मिलेंगे

हाथी से मौतें

2007-08 04

2008-09 04

2009-10 04

2010-11 03

2011-12 12

2012-13 11

2013-14 05

2014-15 07

2015-16 04

2016-17 05

2017-18 05

सूचना पाकर सरायकेला वन क्षेत्र पदाधिकारी सुरेश प्रसाद अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर कैंप किया। वन क्षेत्र के पदाधिकारी ने मृतक चिंता के पिता दिलीप सिंह मुंडा को तत्काल सहायता राशि के रूप में ₹25000 दिए। उन्होंने बताया कि सरकारी प्रावधान अनुसार शेष ₹375000 की राशि आवश्यक कागजात मिलने के बाद दी जाएगी। 7 से 8 जंगली हाथियों के उक्त वन क्षेत्र में होने की सूचना थी। लेकिन आबादी क्षेत्र की ओर उनका मूवमेंट नहीं रहा था।

क्षतिपूर्ति राशि देते अधिकारी

वन विभाग कर रहा है ग्रामीणों को जागरुक


वन क्षेत्र से सटे लगभग 35 प्रतिशत ग्रामीण हाथियों से है परेशान, दहशत में गुजरती है रात

सर्कस में या चिड़ियाघरों में महावत चढ़े हाथियों को देखकर आनंद लेने वालों के लिए बिना महावत के झुंड में विचरते हुए जंगली हाथियों की कल्पना मात्र सिहरन पैदा करने वाली है। जबकि यही हाल जिले के वन क्षेत्र से सटे हुए लगभग 35% ग्रामीण आबादी क्षेत्र की बताई जा रही है। जहां वर्ष का अधिकांश दिन और रात जंगली हाथियों की दहशत में गुजरता है। सीमित संसाधन में वन विभाग भी एक ओर जंगली हाथियों की सुरक्षा और दूसरी ओर ग्रामीण एवं उनके जान माल की सुरक्षा को लेकर प्रयास करते है।