Hindi News »Jharkhand »Saraikela» 5वें दिन श्रीराम-परशुराम के रूप में दर्शन दिए भगवान जगन्नाथ ने

5वें दिन श्रीराम-परशुराम के रूप में दर्शन दिए भगवान जगन्नाथ ने

सरायकेला की परंपरागत रथ यात्रा के 9 दिनों में जगन्नाथ संस्कार के सभी धार्मिक अनुष्ठानों का समावेश किया जाता है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 19, 2018, 04:20 AM IST

5वें दिन श्रीराम-परशुराम के रूप में दर्शन दिए भगवान जगन्नाथ ने
सरायकेला की परंपरागत रथ यात्रा के 9 दिनों में जगन्नाथ संस्कार के सभी धार्मिक अनुष्ठानों का समावेश किया जाता है। इसी क्रम में महाप्रभु श्री जगन्नाथ के मौसी बाड़ी में प्रवास के दौरान बृहस्पतिवार को हेरा पंचमी की शुभ अवसर पर रथभांगिनी संस्कार किए जाएंगे। जिसे लेकर पूजा एवं संस्कार समिति तथा पुजारियों के दल द्वारा आवश्यक तैयारियां भी की जा रही हैं।

इसी क्रम में सरायकेला रथ यात्रा की विशिष्ट वेश परंपरा को जीवंत बनाए रखते हुए मंगलवार की रात महाप्रभु श्री जगन्नाथ एवं बड़े भाई बलभद्र का श्रृंगार किया गया। जिसे लेकर बुधवार की प्रातः गुंडिचा मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ एवं बड़े भाई बलभद्र को क्रमशः श्रीराम एवं श्रीपरशुराम के रूप में दर्शन किए। इसके साथ ही पूरे दिन भर और देर रात्रि तक गुंडिचा मंदिर में भक्तों के पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा।

गुंडिचा मंदिर में आज होगी भजन संध्या- रथ यात्रा के शुभ अवसर पर बृहस्पतिवार की शाम 7:00 बजे से गुंडिचा मंदिर प्रांगण में जगन्नाथ भजन संध्या कार्यक्रम किया जाएगा। श्री जगन्नाथ मेला समिति द्वारा किए जाने वाले उक्त भजन संध्या कार्यक्रम के संबंध में समिति के अध्यक्ष सह नगर पंचायत उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि आमंत्रित भजन कलाकारों द्वारा जगन्नाथ भजनों की प्रस्तुति की जाएगी। जिसमें सभी भक्त आमंत्रित होंगे।

भास्कर न्यूज |सरायकेला

सरायकेला की परंपरागत रथ यात्रा के 9 दिनों में जगन्नाथ संस्कार के सभी धार्मिक अनुष्ठानों का समावेश किया जाता है। इसी क्रम में महाप्रभु श्री जगन्नाथ के मौसी बाड़ी में प्रवास के दौरान बृहस्पतिवार को हेरा पंचमी की शुभ अवसर पर रथभांगिनी संस्कार किए जाएंगे। जिसे लेकर पूजा एवं संस्कार समिति तथा पुजारियों के दल द्वारा आवश्यक तैयारियां भी की जा रही हैं।

इसी क्रम में सरायकेला रथ यात्रा की विशिष्ट वेश परंपरा को जीवंत बनाए रखते हुए मंगलवार की रात महाप्रभु श्री जगन्नाथ एवं बड़े भाई बलभद्र का श्रृंगार किया गया। जिसे लेकर बुधवार की प्रातः गुंडिचा मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ एवं बड़े भाई बलभद्र को क्रमशः श्रीराम एवं श्रीपरशुराम के रूप में दर्शन किए। इसके साथ ही पूरे दिन भर और देर रात्रि तक गुंडिचा मंदिर में भक्तों के पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा।

अर्धांगिनी होने पर भी क्यों कुपित होती हंै माता लक्ष्मी

विवाह के बाद प|ी को अर्धांगिनी माने जाने वाले समाज में जब माता लक्ष्मी को पता चलता है कि महाप्रभु उन्हें बताए बिना और उनको छोड़कर अपनी बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र के साथ रथ यात्रा कर मौसी के घर गए हैं। तब वे कुपित होकर श्री मंदिर से मौसी बाड़ी पहुंचती हैं। घर की बहु होने के कारण बिना आमंत्रण और बिना अपने सुहाग के साथ होने से मौसी बाड़ी में रीति रिवाज एवं संस्कार वश प्रवेश न कर सकने की स्थिति में वे मौसी बाड़ी के बाहर खड़े महाप्रभु के रथ पर अपना क्रोध प्रकट करते हुए उनके रथ को तोड़ देती हैं।

मेले में उमड़ रही है दर्शकों की भीड़

रथयात्रा के अवसर पर श्री जगन्नाथ मेला कमेटी द्वारा मौसी बाड़ी के आसपास लगाए गए मेले में देर रात तक भक्तों एवं दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। मेले में पहुंचने वाले भक्त एक ओर जहां देव सभा में प्रदर्शित किए गए श्री कृष्ण लीला को देख कर भाव विभोर हो रहे हैं। वही मेले में सभी आयु वर्गों विशेषकर बच्चों के लिए मनोरंजन के साधन एवं लगाए गए स्टाल सभी को आकर्षित कर रहे हैं। मेला कमेटी के अध्यक्ष सह नगर पंचायत उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि मेला घूमने आए दर्शक और पूजा आराधना के लिए गुंडिचा मंदिर पहुंचने वाले भक्तों के सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है।

होते हैं धार्मिक संस्कार - हेरा पंचमी पर देर शाम होने वाले उक्त धार्मिक संस्कार को लेकर पुजारियों का दल महाप्रभु के रथ के सम्मुख आरती एवं वंदना के साथ माता लक्ष्मी को मनाते हैं। और उन्हें मनाने के बाद ससम्मान अपने साथ लेकर श्री मंदिर जाते हैं।

हेरा पंचमी के अवसर पर बृहस्पतिवार को रथभांगिनी धार्मिक संस्कार किए जाएंगे। इसे लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।- पंडित ब्रह्मानंद महापात्र, पुजारी सह सेवक श्री मंदिर।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Saraikela

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×