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घर की पोताई के लिए सुरंग में खोद रही थी मि‌ट्टी, धंसने से महिला की हुई मौत

भास्कर न्यूज | कान्हाचट्टी (चतरा) राजपुर थाना क्षेत्र के चोरठ गांव स्थित दूधमटिया गड्ढे में मिट्टी खोदने गई...

Danik Bhaskar | Mar 14, 2018, 03:20 AM IST
भास्कर न्यूज | कान्हाचट्टी (चतरा)

राजपुर थाना क्षेत्र के चोरठ गांव स्थित दूधमटिया गड्ढे में मिट्टी खोदने गई महिला की मौत मलवा से दबने से हो गई। जबकि इस घटना में तीन लोग घायल भी हुए हैं। मृतक की पहचान थाना क्षेत्र के लारालुटूदाग गांव निवासी अर्जुन यादव की प|ी शांति देवी (38) के रूप में हुई। जबकि घायलों में मीना देवी, राजमतिया देवी व मंजू कुमारी शामिल हैं।

सभी महिला लारालुटूदाग गांव की रहने वाली हैं। जानकारी की अनुसार उक्त महिलाएं मंगलवार को अपने घर के निपाई करने के लिए मिट्टी लाने आई थी। सुरंग में घुसकर उक्त चारों महिला मिट्टी की खुदाई कर रही थी। इसी दौरान अचानक मिट्टी का एक हिस्सा धंस गया। इससे शांति देवी की मौत घटना स्थल पर हो गई। इस घटना में तीन लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने मदद से घायलों को सुरंग से बाहर निकला गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना राजपुर पुलिस को दी गई।



थाना प्रभारी अजय कुमार मिंज व एएसआई बीरेंद्र कुमार तिवारी दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। शव को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। जबकि घायलों का उपचार कान्हाचट्टी स्वास्थ्य उप केंद्र में डॉक्टरों को नहीं रहने के कारण चतरा ले जाया गया। जहां घायलों का उपचार किया जा रहा है। बताया जाता है कि इसके पूर्व भी उक्त सुरंग में ही तीन महिलाओं की मौत मलवा गिरने से कुछ दिन पूर्व हो गई थी।

घटना स्थल पर लगी लोगों की भीड़ ।

बहरागोड़ा में मिट्टी खोदने के क्रम में भू-धंसान से जिंदा दफन हो गया युवक

बहरागोड़ा | बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत बर्नीपाल नदी किनारे मंगलवार दोपहर एक बजे मिट्टी खोदने के दौरान भू- धंसान से एक युवक जिंदा दफन हो गया। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने मिट्टी हटाकर युवक को बहरागोड़ा सामुदायिक अस्पताल पहुंचाया, यहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना थाना को दी। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। शव को बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।

आधे घंटे तक मिट्टी से निकलने के लिए करता रहा प्रयास

केशरदा निवासी निवारण नायक का पुत्र मणिशंकर नायक ( 27) बर्नीपाल सुवर्णरेखा घाट के किनारे जाकर मिट्टी खोद रहा था। वह घर से सुबह निकला था। मिट्टी खोदने के क्रम में दोपहर अचानक भरभराकर मिट्टी गिरने लगी। इससे पूर्व कि वह भाग पाता, मिट्टी के ढेर में दब गया। उसके साथ तीन चार और लोग मिट्टी खोद रहे थे। मिट्टी धंसते ही सभी वहां से भाग गए, लेकिन मणिशंकर फंस गया। इस बीच मणिशंकर मिट्टी के ढेर से निकलने के लिए आधे घंटे तक प्रयास करता रहा। थोड़ी देर बाद उसके साथ आए लोगों ने बेलचा और कुदाल से मिट्टी हटाई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मिट्टी हटा कर लोगों ने मणिशंकर को निकाला। मिट्टी को ट्रैक्टर पर लोडकर कही भेजना था।

चार बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया

मणिशंकर के दो बेटा- दो बेटियां हैं। ट्रैक्टर पर मिट्टी लोड करता था। मंगलवार को भी वह ट्रैक्टर पर मिट्टी लादने के लिए खोदकर जमा कर रहा था। इसी दौरान मिट्टी धंसने से उसके नीचे दब गया। प|ी बेबी नायक ने बताया कि सुबह वह काम के लिए निकला था। उसे नहीं पता था कि वह दुबारा लौटकर घर नहीं आएगा।