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7 महीने से विधवा रसोईए को नहीं मिला था वेतन, बेटे के साथ जहर खाकर दे दी जान

करगहर प्रखंड के सीड़ी ओपी क्षेत्र में वैशपुरा गांव की 50 वर्षीय कंचन कुंवर ने अपने 16 वर्षीय बेटे अंकित के साथ जहर खाकर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 04:20 AM IST

7 महीने से विधवा रसोईए को नहीं मिला था वेतन, बेटे के साथ जहर खाकर दे दी जान
करगहर प्रखंड के सीड़ी ओपी क्षेत्र में वैशपुरा गांव की 50 वर्षीय कंचन कुंवर ने अपने 16 वर्षीय बेटे अंकित के साथ जहर खाकर आत्म हत्या कर ली है। जो मध्य विद्यालय वैशपुरा में रसोर्इया का काम करती थी। सात महीने से उसका मानदेय नहीं मिला था। पूरा परिवार बेहद आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। उसके बाद महिला ने समाज को झकझोर देने वाली यह कदम उठाई। घटना बुधवार रात की है। जब मृतक महिला की बेटी संजना छत पर सो रही अपनी मां को जगाने गई तो उसके साथ भाई अंकित को मरा पड़ा पाया। जब जोर-जोर से रोने लगी तो आस-पास के लोग जुटे फिर आत्म हत्या की खबर पूरे क्षेत्र में जंगल में लगी आग तरह फैली। घटना की जानकारी मिलने पर सीढ़ी ओपी प्रभारी नरेंद्र कुमार व पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जो दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम भेज दिए।

मध्याह्न भोजन में ही मिला कर लाई थी जहर

आर्थिक तंगी से गुजर रहा कंचन कुंवर का परिवार का पेट आम तौर पर स्कूल में बचे मध्याहन भोजन से भरता था। दोपहर में बच्चों के खाने के बाद बचा हुआ भोजन कंचन कुंवर अपने घर लाती थी। जिसे खाकर उनका परिवार काम चला रहा था। कभी-कभी ऐसी नौबत भी आती थी कि दिन का खाना रात में भी खाना पड़ता था। इसी क्रम में कंचन कुंवर ने अख्तियारपुर हाई स्कूल में पढ़ने गई बेटी संजना की अनुपस्थिति में दोपहर ढलते ही अपने और बेटे अंकित को जहर मिलाया व खाना खिलाया। फिर छत पर सोने चले गए।

वैशपुरा मवि की रसोईया कंचन कुंवर की बेटी ने बताया कि सात महीने से मानदेय नहीं मिला था। जिसके कारण पूरा परिवार आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। घर में खाने को एक भी दाने नहीं थे।

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