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दहेज हत्या में पति और सौतन को 10 वर्ष सश्रम कारावास सजा

तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज द्वितीय गुलाम हैदर ने दहेज हत्या के आरोप में गोमिया के माघा निवासी गोविंद...

Dainik Bhaskar

May 30, 2018, 03:35 AM IST
तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज द्वितीय गुलाम हैदर ने दहेज हत्या के आरोप में गोमिया के माघा निवासी गोविंद ठाकुर एवं दानो देवी को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। बड़की सिधावारा निवासी शिवशंकर ठाकुर ने गोमिया थाना प्रभारी के पास 8 अगस्त 14 को बयान दर्ज कराया था कि बेटी मुनिया देवी उर्फ सुनीता देवी की शादी ढाई साल पहले गोविंद ठाकुर के साथ कराई थी। शादी के बाद अभियुक्त गोविंद ठाकुर दहेज में ट्रैक्टर की मांग करने लगे। जब कहा ट्रैक्टर देने में असमर्थ हैं तो दामाद ने कहा आपकी बेटी को छोड़ दूंगा।

गोविंद ठाकुर पहले से शादीशुदा था। उसकी शादी दानो देवी से हुई थी। चूंकि उसे कोई संतान नहीं थी। इसलिए दानो देवी की सहमति से गोविंद ठाकुर की शादी बेटी मुनिया देवी उर्फ सुनीता देवी से हुई थी। शादी के तीन-चार महीने बाद से ही बेटी को उसके पति एवं सौतन दहेज में ट्रैक्टर की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। कभी-कभी खाना भी नहीं देते थे। जिसकी जानकारी बेटी ने दी। तब बेटी को समझाया कि सबके साथ मिलकर रहो। उसके पति और सौतन को कई बार अपनी गरीबी की दुहाई देते हुए समझाया। लेकिन 8 अगस्त 14 को माघा के मुखिया का फोन आया कि बेटी को दामाद और सौतन ने मिलकर मार डाला और सभी घर से फरार हैं।

पिता के बयान के आधार पर गोमिया थाने में केस दर्ज किया गया। मामला मो. हैदर की न्यायालय में आया। उपलब्ध साक्ष्य एवं दोनों पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद मो. हैदर ने दहेज हत्या के मामले में गोविंद ठाकुर एवं दानो देवी को दोषी पाने के बाद 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना की राशि नहीं देने पर 6 महीने अतिरिक्त कारावास की सजा होगी। जुर्माना की राशि मृतका के पिता को देने का आदेश दिया।

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