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रौतिया समाज को सिर्फ वोट बैंक बनाया जा रहा है

रौतिया जाति को एसटी में शामिल करने की मांग भास्कर न्यूज | सिमडेगा रौतिया समाज के लोगों को जागरूक करने और विकास...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:20 AM IST
रौतिया जाति को एसटी में शामिल करने की मांग

भास्कर न्यूज | सिमडेगा

रौतिया समाज के लोगों को जागरूक करने और विकास के पथ पर अग्रसर करने के उद्देश्य से हर गांव हर द्वार चलें कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के जिलाध्यक्ष रोहित कुमार सिंह समेत अन्य लोग शनिवार को ठेठईटांगर के केरेया और जलडेगा प्रखंड के तिलईजारा गांव गए। लोगों को जागरूक करते हुए एकजुट रहने को कहा।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि रौतिया जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की मांग लंबे अर्से से की जा रही है। लेकिन सरकार उदासीन बनी हुई है। अगले आम चुनाव तक रौतिया जाति को इस सूची में शामिल नहीं किया जाएगा तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने नगर परिषद चुनाव, लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के बारे में कहा कि जो राजनीतिक दल समाज के हित में काम नहीं करेंगे उन्हें सबक सिखाया जाएगा।

पिछले 50 वर्षों से सभी राजनीतिक दल रौतिया समाज को गुमराह करते हुए इसे वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर रही है। समाज के लोग सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। वृद्धावस्था पेंशन, पीएम आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है। वहीं रौतिया बहुल इलाकों में सड़क, पानी और बिजली की समस्या बनी हुई है। जिला कोषाध्यक्ष शालिकराम सिंह, केंद्रीय प्रवक्ता लालमोहन सिंह ने भी लोगों को एकजुट होने को कहा। चंद्रभान सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रेमचंद सिंह ने नशापान से परहेज करने और शिक्षा काे अपनाने पर जोर दिया। इस मौके पर नैरिक सिंह, मुकुंद सिंह, फिरनाथ सिंह, बिरसा सिंह व महेश्वर सिंह आदि उपस्थित थे।