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नप में 64.7 फीसदी वोटिंग, पिछली बार से 1.8% अधिक

नगर परिषद के चुनाव में लोकतंत्र की जीत हुई और सिमडेगा के 20 वार्ड क्षेत्रों में बनाए गए 35 मतदान केंद्रों में 64.72...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:40 AM IST
नगर परिषद के चुनाव में लोकतंत्र की जीत हुई और सिमडेगा के 20 वार्ड क्षेत्रों में बनाए गए 35 मतदान केंद्रों में 64.72 प्रतिशत मतदान हुआ। जो पिछली बार 2013 में हुए चुनाव से 1.82 प्रतिशत अधिक है। पिछली बार 62.90 फीसदी मतदान हुआ था। इस बार कुल 27154 वोटरों में 17574 ने वोट डाले। सबसे ज्यादा वोटिंग वार्ड 17 के राजकीय उत्क्रमित मवि खिजरी के पश्चिमी भाग स्थित बूथ 17-1 में हुई। यहां 80.52 प्रतिशत वोटरों ने वोट डाला।

मुस्लिम बहुल खैरनटोली के राजकीय उर्दू मवि स्थित दो बूथों पर करीब 75 प्रतिशत वोटिंग हुई। वार्ड 16 के आंगनबाड़ी केंद्र खिजरी स्थित बूथ पर 76.17 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। निकाय चुनाव में सुबह से ही शहर के मतदाता उत्साहित दिखे तथा पहले दो घंटों में 14.23 प्रतिशत मतदान हुआ। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया वोटिंग तेज होती गई। 11 बजे तक 28.85 प्रतिशत, एक बजे तक 44.62, तीन बजे तक 55.68 और शाम पांच बजे तक 64.72 प्रतिशत वोटिंग हुई। सभी 20 वार्डों में आमतौर पर मतदान शांतिपूर्ण रहा।

वार्ड 20 के खैरनटोली स्थित बूथ में बोगस वोटिंग को लेकर कुछ देर हंगामे की स्थिति रही जिसपर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए काबू पा लिया। जिले के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मतदान किया। उपविकास आयुक्त मनोहर मरांडी ने एसएस उवि स्थित मतदान केंद्र में पहुंचकर वोट डाला। जिला परिवहन पदाधिकारी बंधन लौंग ने सामटोली स्थित संत अन्ना स्कूल के मतदान केंद्र पर जाकर वोट डाला। विधायक विमला प्रधान बीमार होने के कारण वोटिंग करने नहीं पहुंचीं। वे रांची स्थित आवास में रहकर इलाज करा रही हैं।

उपाध्यक्ष पद काे बेहद संकीर्ण मान रहे चुनाव के महारथी

चुनावी चर्चा में उपाध्यक्ष पद के मुकाबले को चार प्रत्याशियों के बीच बेहद संकीर्ण माना जा रहा है। इस चुनाव में भी जातीय व धार्मिक समीकरण हावी रहने की बात कही गई तथा इसका काफी असर उपाध्यक्ष के मुकाबले में पड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों भाजपा, कांग्रेस और झामुमो के प्रत्याशियों क्रमश: ओमप्रकाश साहू, कात्यायनी प्रसाद और सफीक खान के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशी ओमप्रकाश अग्रवाल तथा ओलिवर लकड़ा उपाध्यक्ष की दौड़ में नजदीकी मुकाबले मेंं बताए गए हैं।

खैरनटोली बूथ में कतारबद्ध महिलाएं।

खैरनटोली में शाम पौने सात बजे तक चलती रही वोटिंग, पड़े 75% वोट

शहर के वार्ड नंबर 20 के खैरनटोली विद्यालय स्थित बूथ संख्या दो में देर शाम पौने सात बजे तक वोटिंग हुई। यहां 1252 मतदाताओं में से 933 ने मताधिकार का प्रयोग किया। इसी विद्यालय परिसर स्थित दूसरे बूथ में 232 में से 178 वोटरों ने वोट डाले। सुबह में इस मतदान केंद्र पर तब तनावपूर्ण स्थिति हो गई थी जब एक महिला मतदाता निगार बानो की जगह किसी अन्य ने बोगस वोटिंग की। खैरनटोली स्कूल मोहल्ला की निगार बानो करीब 11 बजे वोट डालने पहुंची तो उनका वोट डाला हुआ पाया गया। इसके बाद वहां हंगामे की स्थिति बनने लगी और पहले से अति संवेदनशील बूथ के रूप में चिह्नित इस बूथ पर पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट हो गया। सुबह से ही उपविकास आयुक्त मनोहर मरांडी, एएसपी निर्मल गोप, कार्यपालक दंडाधिकारी मयंक भूषण, एसडीओ जगबंधु महथा, एसडीपीओ अमित कुमार सिंह, डीएसपी प्रदीप उरांव, ठेठईटांगर के थाना प्रभारी बृज कुमार स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए जमे रहे। दिनभर यहां वोटराें का पहचान पत्र देखने के बाद ही वोट डालने दिया गया। इस मतदान केंद्र पर शाम साढ़े चार बजे के बाद भी मतदाताओं की लंबी कतार लगी थी तथा ठीक पांच बजे जब मतदान केंद्र का गेट बंद किया गया तब करीब डेढ़ सौ मतदाता कतार में थे। इन मतदाताओं का वोट पूरा होने में लगभग पौने दो घंटा लगा।

वार्ड 19 के पूर्वी बूथ पर हुआ 65.67% मतदान

सिमडेगा विधायक विमला प्रधान का मतदान केंद्र वार्ड संख्या 19 में राजकीय उर्दू मवि भट्‌टीटोली में है। यहां 871 मतदाताओं में से 572 ने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 295 पुरुषों तथा 277 महिलाओं ने वोट डाला। वोटिंग का प्रतिशत 65.67 रहा।

युवा में रहा उत्साह, महिला और बुजुर्गों ने भी बढ़कर किया मतदान

शहर में चुनाव को लेकर हर आयु वर्ग के वोटरों में उत्साह दिखा। पहली बार वोट डाल रहे युवा भी वोटिंग को लेकर काफी उत्साहित थे। सभी वार्ड क्षेत्रों में महिलाओं व बुर्जुगों ने भी आगे बढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया तथा कई बुजुर्ग शारीरिक कष्ट होने के बावजूद वोट डालने पहुंचे। कोई अपने परिजन का सहारा लेकर बूथ तक पहुंचा तो कोई व्हील चेयर पर आया। लोकतंत्र के इस महापर्व में सभी अपनी भूमिका निभाने को सजग दिखे तथा मतदान के दौरान शहर की सड़कों पर सन्नाटा सा रहा और दुकानों में भी ग्राहकों की संख्या बहुत कम थी।

मतदान के बाद नए वोटर्स में दिखा उत्साह व मतदान के बाद वृद्ध।