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नियमों को ताक पर रख निकाले Rs.12.72 लाख

मरचा पंचायत में नियमों की अनदेखी कर भारी वित्त ्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। पेयजल की व्यवस्था के लिए...

Dainik Bhaskar

Apr 06, 2018, 03:50 AM IST
नियमों को ताक पर रख निकाले Rs.12.72 लाख
मरचा पंचायत में नियमों की अनदेखी कर भारी वित्त ्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। पेयजल की व्यवस्था के लिए 14वें वित के फंड से स्वीकृत सोलर वाटर पंप के चयन प्रक्रिया को ताक पर रखकर योजना का चयन किया गया। पंचायत में तीन लाख 18 हजार 200 की कुल चार सोलर वाटर पंप की योजना के लिए ग्रामसभा से स्वीकृति ली गई। इसमें तुरीगड़ा ग्राम के अलावा कर्रा पहान टोली, हरिजन टोली व नवाटोली ग्राम शामिल है।

इधर, अनियमितता की सूचना मिलते ही प्रमुख रोशनी गुड़िया व उपप्रमुख सोफिया सुल्ताना ने मरचा पंचायत का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अनियमितता मिलते ही उन्होंने बीडीओ प्रभाकर ओझा को जांच के लिए लिखा। जांच में पंचायत सचिव मरचा द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में प्राक्कलित राशि के बराबर 12 लाख, 72 हजार, 800 रुपए का भुगतान 26 दिसंबर 2017 को ही कर दिया गया है। जबकि योजना चयन के नियम में था कि योजना स्वीकृति के लिए पेयजल व स्वच्छता विभाग से स्वीकृति अनिवार्य है। स्वीकृति प्रदान करने के दौरान पीएचडी विभाग के कनीय अभियंता रावेल होरों ने भुगतान से पूर्व उनके द्वारा जांच की बात कह स्वीकृति दी थी, लेकिन 26 दिसंबर के भुगतान के लिए पेयजल विभाग से काेई स्वीकृति नहीं ली गई थी।

एक ही तारीख में चारों योजना के लगभग प्राक्कलित का भुगतान एजेंसी को कर दिया गया। इसके अलावा पिछले तीन माह में कार्य में काेई प्रगति नहीं हुई, मामला प्रकाश में आते ही पिछले सप्ताह कार्य शुरू किया गया। दस्तावेज में अंकित योजना का स्थल दर्ज है, जो 12 अक्टूबर 2017 की कार्यकारिणी में पारित है। जबकि ग्रामीणों से पूछताछ से ज्ञात हुआ कि नवाटोली को छोड़कर सभी चयनित स्थल को बदल दिया गया है। इससे पूर्व टेंडर के लिए किसी अज्ञात अखबार में निकली निविदा में टेंडर डालने व खोलने का स्थल को भ्रमित किया गया है। निविदा में टेंडर स्थल प्रखंड मुख्यालय दर्ज है जबकि बीडीओ अनभिग्य है। ज्रेडा की सोलर वाटर पंप की सप्लाई की स्वीकृति प्रमाण पत्र 2011-12 की है जबकि जिस साल सप्लाई हो उसी साल का प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए। नियमानुसार काम पूर्ण के बाद 95 प्रतिशत राशि का ही भुगतान किया जाना है बाकी के पांच प्रतिशत दो वर्षों के बाद या जब तक गांरटी हो, उसके बाद ही भुगतान किया जाएगा। लेकिन इस योजना में समस्त राशि का भुगतान स्टोलेशन से पूर्व ही कर दिया गया है। मरचा मुखिया निरल तोपनो से विचार लेने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल बंद मिला। प्रमुख रोशनी गुड़िया का कहना है कि जांच कराया गया तो अनियमितता पाई गई। उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत की गई है।

तोरपा के मरचा पंचायत में 14वें वित्त में अनियमितता का मामला सामने आया, प्रमुख ने जांच के लिए लिखा पत्र

तोरपा में योजना की जांच करते प्रमुख और उपप्रमुख।

पावर का गलत उपयोग




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