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हमारे बच्चों को बीमार-अशिक्षित करे, नहीं चाहिए ऐसी पत्थलगड़ी

पत्थलगड़ी के वर्तमान स्वरूप के विरोध में अब आदिवासी समाज मुखर होने लगा है। सोमवार को ग्रामीणों ने पत्थलगड़ी के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 13, 2018, 03:50 AM IST

पत्थलगड़ी के वर्तमान स्वरूप के विरोध में अब आदिवासी समाज मुखर होने लगा है। सोमवार को ग्रामीणों ने पत्थलगड़ी के माध्यम से संविधान की अलग व्याख्या करने वालों को चुनौती दी और कहा कि यह कौन सी पत्थलगड़ी है जिसमें बच्चों को स्कूल नहीं भेजें, नवजातों को पोलियो की खुराक नहीं दें। ऐसे तो पीढिय़ां ही तबाह हो जाएंगी। शासन के इस विरोध से हमें क्या हासिल होगा। अब ये लोग सरकारी अस्पतालों से दवाइयां भी नहीं लेने दे रहे, पोलियो खुराक लेने जो लोग आ रहे हैं, उन्हें भगा रहे हैं। इसके लिए भी ग्राम सभा से परमिशन लेने की बात कह रहे, क्या यही पत्थलगड़ी है।

ग्रामीणों ने पत्थलगड़ी को असंवैधानिक बताया और इसकी आड़ में समाज को पीछे ले जाने वाल तत्वों से सावधान रहने की बात कही। अड़की, तोरपा, मुरहू, रनिया के लोगों ने पहले ही पत्थलगड़ी का विरोध किया था अब खूंटी के दर्जनों गांव के लोग मुखर होने लगे हैं। पूर्व जिस सदस्य भीम सिंह मुंडा ने कहा कि पत्थलगड़ी की तह में जाएं तो साफ हो जाएगा इसके पीछे कौन सी शक्तियां हैं।

पश्चिमी सिंहभूम में भी होगी पत्थलगड़ी, पुलिस से कहा दूर रहे

बंदगांव/ चक्रधरपुर | खूंटी के बाद अब पश्चिमी सिंहभूम जिले के गांवों में पत्थलगड़ी होगी। बंदगांव बाजार परिसर में सोमवार को दो हजार से ज्यादा ग्रामीण जुटे। पत्थलगड़ी पर मानकी-मुंडा संघ के अंचल अध्यक्ष जोहन चांपिया की अध्यक्षता में आमसभा हुई, जिसमें पुलिस-प्रशासन को चेताया गया कि वह कोई हस्तक्षेप नहीं करे। साथ ही राज्यपाल को मांग पत्र सौंपने का भी निर्णय लिया गया।

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Web Title: हमारे बच्चों को बीमार-अशिक्षित करे, नहीं चाहिए ऐसी पत्थलगड़ी
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