• Hindi News
  • Jharkhand News
  • Torpa
  • थाना घेराव से पूर्व पत्थलगड़ी समर्थकों ने केवड़ा में बैठक कर बनाई रणनीति
--Advertisement--

थाना घेराव से पूर्व पत्थलगड़ी समर्थकों ने केवड़ा में बैठक कर बनाई रणनीति

पत्थलगड़ी समर्थकों ने मंगलवार को मुरहू आने से पूर्व ग्रामीणों के साथ केवड़ा में की। इसमें अपने पांच समर्थकों की...

Dainik Bhaskar

Mar 21, 2018, 04:20 AM IST
थाना घेराव से पूर्व पत्थलगड़ी समर्थकों ने केवड़ा में बैठक कर बनाई रणनीति
पत्थलगड़ी समर्थकों ने मंगलवार को मुरहू आने से पूर्व ग्रामीणों के साथ केवड़ा में की। इसमें अपने पांच समर्थकों की गिरफ्तारी के विरोध में लोगों ने मुरहू थाने के घेराव करने का निर्णय लिया। इसके बाद केवड़ा में बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हुए। बताया जाता है कि वाहन के अभाव में आधे ग्रामीण ही मुरहू पहुंच पाए थे। लगभग आधे ग्रामीण केवड़ा में ही रुक गए। केवड़ा में हुई बैठक में ग्रामीणों ने पत्थर जब्ती, गिरफ्तारी के अलावा केवड़ा कैंप सह स्कूल से पुलिस फोर्स को हटाने पर विचार-विमर्श किया। इसके बाद ग्रामीण विभिन्न गाड़ियों में सवार होकर मुरहू पहुंच गए। मुरहू पहुंचकर पहले उन्होंने मेलाटांड़ में बैठक की। इसके बाद मुरहू थाने की ओर पैदल ही कूच कर गए। ग्रामीणों के आने की सूचना पर मुरहू थाने में पहले ही सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए थे। थाने से पूर्व ही पुलिस की घेराबंदी कर दी। थाने के समीप सड़क के बीचोंबीच कंटीला तार लगा दिया गया। जिला प्रशासन ने दंडाधिकारी भी नियुक्त कर रखा था। यहां बता दें कि कुछ दिन पहले ही ग्रामीणों ने केवड़ा कैंप सह स्कूल को खाली कराने की मांग को लेकर पांच घंटे तक कैंप को घेरे रखा था।

मेलाटांड़ में बैठक करने के बाद डेढ़ बजे के करीब हरवे हथियार के साथ जुलूस की शक्ल में ग्रामीण मुरहू थाने के करीब पहुंचे। थाने से 500 मीटर पहले पुलिस ने सभी को रोक दिया, तो वे लोग एनएच-75 ई को जाम कर बैठ गए। पुलिस ने भी संयम से काम लिया। उन्हें बताया कि खनन विभाग ने कार्रवाई उन्हें पकड़ कर पुलिस को सौंपा है। पत्थर-ट्रैक्टर जब्त कर दोनों चालकों को जेल भेज दिया गया है। अब कुछ नहीं हो सकता है। ग्रामीणों संग बीच सड़क में बैठक कर अधिकारियों ने बातचीत की, लेकिन लोग आज ही सभी को छोड़ने की मांग पर अड़े रहे। बातचीत में सहमति बनने के बाद पुलिस के तरफ से लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने पुन: बीच सड़क पर ही बैठक करने लगा। इसके बाद शाम सवा छह बजे जाम समाप्त हुआ।

मौके पर एसडीओ प्रणब कुमार पाल, मुख्यालय डीएसपी विकास आनंद लागुरी, एसडीपीओ रणवीर सिंह, कार्यपालक दंडाधिकारी रवींद्र गागराई, ए उरांव, खूंटी, मुरहू, अड़की, तोरपा के बीडीओ समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल उपस्थित थे। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे सेबियन बोदरा ने समझौते के बाद पत्रकारों से कहा कि पुलिस ने तीन दिन के भीतर पत्थर, ट्रैक्टर एवं गिरफ्तार दोनों चालकों को कोर्ट से मुक्त कराने का लिखित में आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मुरहू पुलिस अपने वादे से मुकरती है तो हम चुप नहीं बैठेंगे। तीन दिन बाद इससे भी अधिक संख्या में ग्रामीण मुरहू आकर मुख्य पथ को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर देंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। हमने मुरहू थाना प्रभारी अरुण कुमार दूबे को यहां से हटाने की भी मांग की है। सेबियन बोदरा ने कहा कि हम लोग परंपरा के अनुसार शांतिपूर्वक पत्थलगड़ी कर रहे है। इससे पुलिस प्रशासन को दिक्कत हो रही है।

मुरहू थाने का घेराव कर रहे ग्रामीणों से हटने की अपील करते पुलिस के जवान। पुलिस से लिखित आश्वासन लेने के बाद ही वापस लौटे ग्रामीण।

X
थाना घेराव से पूर्व पत्थलगड़ी समर्थकों ने केवड़ा में बैठक कर बनाई रणनीति
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..