Hindi News »Jharkhand »Tundi» नक्सल प्रभावित झगरू गांव का दर्द नहीं समझ पा रहा है जिला प्रशासन, सुविधाओं का है घोर अभाव

नक्सल प्रभावित झगरू गांव का दर्द नहीं समझ पा रहा है जिला प्रशासन, सुविधाओं का है घोर अभाव

दक्षिणी टुंडी का झगरू गांव सदियों बीतने के बाद भी विकास से कोसों दूर है। देश की आजादी के बाद भी यहां विकास की रोशनी...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 04:00 AM IST

  • नक्सल प्रभावित झगरू गांव का दर्द नहीं समझ पा रहा है जिला प्रशासन, सुविधाओं का है घोर अभाव
    +2और स्लाइड देखें
    दक्षिणी टुंडी का झगरू गांव सदियों बीतने के बाद भी विकास से कोसों दूर है। देश की आजादी के बाद भी यहां विकास की रोशनी नहीं पहुंच पाई है। यह गांव दक्षिणी टुंडी के घोर नक्सल प्रभावित गांव के नाम से मशहूर है। जिस कारण जिला प्रशासन द्वारा इसे पारसनाथ एक्शन पलान के तहत गोद लेकर भी ज्यों की त्यों छोड़ दिया गया। टुंडी प्रखंड मुख्यालय से दक्षिण क्षेत्र बेगनोरिया पंचायत के झगरु गांव लगभग 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यह गांव चहुं ओर पहाड़ों से घिरा एवं पहाड़ के मध्य भाग पर स्थित है। यहां बीते चार दशक तक नक्सलियों का खूब बोलबाला रहा। यह गांव की आबादी लगभग एक हजार के आसपास है। जहां केवल जनजातीय समुदाय के लोग रहते हैं।

    न सड़क है और न ही बिजली-पानी

    आज-तक सड़क नहीं बन पाई:यहां पिछले साल बेगनोरिया पंचायत में वर्तमान उपायुक्त के द्वारा जनता दरबार लगाई गई थी उस समय इस गांव के कई समस्याओं को रखा गया था। उस समय उपायुक्त के द्वारा सड़क निर्माण का आश्वासन तो दिया गया। पर आज-तक सड़क नहीं बन पाया। यहां के लोगों का कहना है की जब स्वयं उपायुक्त ही निदान नहीं कर पाए तो अब किस पर भरोसा करें। यह गांव पारसनाथ एक्शन प्लान के तहत गोद तो लिया गया पर विकास कुछ भी नहीं हुआ। भले ही केन्द्र एवं राज्य सरकार विकास की बड़ी-बड़ी डींगें हांकती हों पर इस गांव की तकलीफों को कोई कम नहीं कर सका। यहां जनजातीय समुदाय की विकास की बातें भी अछूता लगता है।

    सड़कयहां पहुंचने के लिए दो रास्ते हैं जहां सदियों बीत जाने के बाद भी दोनों ओर से सड़क नहीं हैं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्‌ढ़े एवं कुछ हिस्से में निखरे बोल्डर पैदल चलने वाले लोगों की रूह कांप जाती है। यहां खासकर बरसात के दिनों में बीमार लोगों एवं प्रसव पीडि़ता महिलाओं को अस्पताल ले जाने के लिए यहां के ग्रामीण माथा पीटने एवं अपनी नसीब को कोसने के लिए विवश हो जाते हैं। यहां पहुंचने के लिए एकमात्र पैदल रास्ता ही मुनासिब है।

    बेगनोरिया पंचायत के मुखिया होरीलाल टुडू का कहना है की कुछ विकास का काम पीसीसी सड़क बनवाया है। पर लंबी सड़क की वजह से बजट कम पड़ जाने की वजह से पूरा काम कर पाना संभव नहीं है। वैसे मैंने कई बार गांव के मूलभूत समस्याओं से अवगत करा चुका हूं।

    शिक्षायहां शिक्षा के लिए गांव में एक नया प्राथमिक विद्यालय है। जबकि उच्च शिक्षा के लिए यहां के युवा पीढ़ी को 10 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इस कारण गांव के अधिकांश छात्र-छात्राएं प्राथमिक कक्षा के बाद अधिकांश युवा पीढ़ी बीच में ही लंबी दूरी की वजह से पढ़ाई छोड़ देते हैं। इसका एक और महत्वपूर्ण कारण है यहां यातायात का साधन न होना।

    यहां मैं कुछ लोगों को प्रधानमंत्री आवास दिया हूं। बाकी मेरे से संभव नहीं है। मैं यहां की समस्याओं को उच्च अधिकारियों को अवगत करा चुका हूं। महेश्वरी प्रसाद यादव, बीडीओ, टुंडी

    पेयजलयहां पेयजल को लेकर एक सौर ऊर्जा से जलापूर्ति की व्यवस्था पिछले साल हुई थी जो खराब होने की वजह से आज बंद पड़ा है। गांव में दो चापानल हैं जिससे काफी मुश्किलों से पानी निकलता है। यहां आज भी गांव के 90 प्रतिशत ग्रामीणों के पास पक्के मकान नहीं हैं। यहां के निवासी कच्चे मिट्टी एवं खपड़ा के मकान में रहने को विवश हैं। एक-दो लोगों को महज दिखाने के लिए प्रधानमंत्री आवास मिला है। स्थानीय महिलाओं में से सनोती मंझियान, सुकरमनि मंझियाइन एवं लखींद्र हांसदा का कहना है की यहां वोट के समय केवल नेता आते हैं। उसके बाद कभी नजर नहीं आते हैं। हमेशा से हम सभी यही झेलने की आदत पड़ गई है।

    बिजलीझगरु गांव में तो दिखाने को बिजली है। केवल एक 25 एमवीए का विद्युत टांसफार्मर लगा दिया गया है। जिसमें महज दो तार के भरोसे लोगों को फिलामेंट जलता हुआ दिखता है। इसी से ग्रामीण किसी तरह बिजली का आनंद उठाते हैं।इसी टांसफार्मर से गांव के कई टोलों में बिजली पहुंचती है।

    इस गांव की समस्याओं से भलीभांति अवगत हूं। मैने सड़क बनाने की अनुशंसा की है जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। यहां की समस्याओं से स्वयं उपायुक्त भी परिचित हैं। राजकिशोर महतो, विधायक, टुंडी।

  • नक्सल प्रभावित झगरू गांव का दर्द नहीं समझ पा रहा है जिला प्रशासन, सुविधाओं का है घोर अभाव
    +2और स्लाइड देखें
  • नक्सल प्रभावित झगरू गांव का दर्द नहीं समझ पा रहा है जिला प्रशासन, सुविधाओं का है घोर अभाव
    +2और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Tundi News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: नक्सल प्रभावित झगरू गांव का दर्द नहीं समझ पा रहा है जिला प्रशासन, सुविधाओं का है घोर अभाव
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Tundi

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×