घातक कथाएं / त्योहार, दोस्ती और "आज गाड़ी भाई चलाएगा' वाली टुन्नकथा

Dainik Bhaskar | Nov 03,2018 18:40 PM IST

पहले एक हवाहवाई कहानी सुनो। वैसे तो कई बार सुनी होगी, फिर से सुन लो। दो दोस्त थे। सच्चे टाइप। गऊप्रसाद "भोले और टुन्नीसिंह "टुन्ना। जीना-मरना साथ किसम की दोस्ती थी। एक बार सफर पर निकले। एक ढाबे में गाड़ी ...

इंटरव्यू जरा हटके / आत्मा की तरह मैं अजर-अमर हूं : सोनपापड़ी

Dainik Bhaskar | Nov 03,2018 18:26 PM IST

दिवाली आने ही वाली है। तो सोचा कि चलो इस बार सोनपापड़ी का ही इंटरव्यू कर लिया जाए। उसे खोजने के लिए ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ी। पिछले साल की दिवाली में इतनी आई थी कि आज तक खत्म ...