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नित्यानंद आश्रम विवाद / दोनों युवतियों को भारत लाने का खर्च आश्रम को उठाना होगा-हाईकोर्ट

बाएं से नित्यानंदिता और तत्वप्रिया आनंदा की फाइल तस्वीर बाएं से नित्यानंदिता और तत्वप्रिया आनंदा की फाइल तस्वीर
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बाएं से नित्यानंदिता और तत्वप्रिया आनंदा की फाइल तस्वीरबाएं से नित्यानंदिता और तत्वप्रिया आनंदा की फाइल तस्वीर

  • दोनों ने जब से देश छोड़ा है, तब से उनके सभी सबूत पेश करें
  • दोनों पक्षों के वकीलों के बीच उग्र वाद-विवाद

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2020, 01:34 PM IST

अहमदाबाद. नित्यानंद आश्रम से लापता दोनों युवतियों के संबंध में हेबियस कार्प्स की अर्जी में हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए कहा है कि हर हालत में पुलिस या युवती के वकील उन्हें कोर्ट में पेश करें। इसके अलावा दोनों को विदेश से भारत लाने का जो भी खर्च हो, उसे आश्रम ही वहन करे।


दोनों का कोर्ट में हाजिर होना जरूरी
हाईकोर्ट के आदेश में कहा गया है कि पुलिस दोनों युवतियों को भारत लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए। इस संबंध में जो भी कार्य किया जाए, उसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट के रजिस्टार जनरल को सौंपे। इस मामले की अगली सुनवाई 20 दिसम्बर को होगी। दोनों युवतियों का कोर्ट में उपस्थित होना आवश्यक है।


शपथपत्र को नकारा
गुमशुदा युवतियों के वकील ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा था कि वे अपनी इच्छा से विदेश गई है। किंतु कोर्ट ने उनके शपथ पत्र को नकार दिया। युवतियों के वकील ने अनुराेध किया था कि वे वेस्ट इंडिज अमेरिका स्थित भारत के हाईकमिशन के सामने आने को तेयार हैं। इस पर हाईकोर्ट ने सवाल किया था वे अमेरिका आने को तैयार हैं, पर भारत आने को तैयार नहीं हैं, आखिर क्यों? इसके जवाब में कहा गया है युवतियों को अपने पिता से खतरा है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा दी जाएगी। डर की कोई बात नहीं है।
युवती की शर्तें मानना मुश्किल
पुलिस ने जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करते हुए कहा कि युवतियों की शर्तं मानना मुश्किल है। इसके अलावा साध्वी प्राण प्रिया के वकील ने अपनी अर्जी में पक्षकार के रूप में नाम हटाने की मांग की। परंतु हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। हाईकोर्ट में पिता ने रोते हुए कहा था कि उन्हें बेटियों के इस तरह के व्यवहार को देखकर बहुत दु:ख हुआ। अर्जी में दोनों बालिग युवतियों की बात है, उन्हें हाईकोर्ट के सामने अपना बयान देने आना ही होगा।


ट्रेवलिंग दस्तावेज का शपथ नामा मांगा
लापता युवतियों के वकील भले यह कहते रहें कि युवतियां सुरक्षित हैं और वे अपनी इच्छा से गई हैं। इसे माना नहीं जा सकता। वकील ट्रेवलिंग दस्तावेज के साथ 19 दिसम्बर तक शपथनाम पेश करे।
दोनों पक्षों के वकीलों द्वारा दलील
लापता युवतियों के वकील और आवेदक पिता के वकीलों के बीच उग्र वार्तालाप हुआ, दोनों ने एक-दूसरे पर शाब्दिक प्रहार भी किए। युवतियों के वकील ने कहा कि माता-पिता के नाम पर झूठ नहीं चलेगा। इस पर पिता के वकील ने कहा कि वे पाखंडी स्वामियों के स्पॉन्सर्ड वकील नहीं हैं।

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