घातक कथाएं / महात्मा-बिच्छू की कहानी और सुंदरी की एंट्री

Dainik Bhaskar

Sep 29, 2018, 06:10 PM IST



tale of sadhu and bicchu
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tale of sadhu and bicchu

एक बार एक महात्मा नदी के घाट पर नहाने के लिए पहुंचे। नहाने के लिए जैसे ही नदी में उतरने वाले थे कि उन्होंने देखा कि एक बिच्छू नदी में डूब रहा है। उन्होंने आव देखा ना ताव, तत्काल उसे अपने हाथ से उठाकर किनारे रखने की कोशिश करने लगे। बिच्छू ने उन्हें डंक मार दिया। 

 

हाथ कांपा तो बिच्छू फिर से पानी में गिर पड़ा। उन्होंने फिर उसे हाथ से ही उठाकर किनारे रखने की कोशिश की, फिर बिच्छू ने डंक मारा, हाथ कांपा बिच्छू पानी में गिर पड़ा। ऐसा तीन बार हुआ। तभी पास में नहा रही एक सुंदरी से रहा नहीं गया। उसने पास आकर पूछा- क्यों जी, वो बार-बार आपको डंक मार रहा है, आप उसे बार-बार हाथ से ही पानी में से निकालने में लगे हैं?

महात्मा बोले - जब वो बिच्छू होकर अपनी आदत नहीं छोड़ रहा तो मैं तो महात्मा हूं, भलाई की अपनी आदत कैसे छोड़ दूं। इससे आगे की कहानी: उस रूपसी ने रीझकर महात्मा जी से शादी कर ली। महात्मा जी ने घर में ही बाल्टी भरकर नहाना शुरू कर दिया। बिच्छू को स्वर्ग मिला न मिला, भगवान जाने, महात्मा जी को जीते जागते स्वर्ग मिल गया। 

 

मॉरल ऑफ द स्टोरी - फल पाने के लिए भयंकर घोर तपस्या की जरूरत नहीं। कई बार फल केवल भयंकर प्रैक्टिकल एप्रोच के दम पर ही मिल सकते हैं।

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