राहुल द्रविड़ / दो पदों पर एक साथ रहने के कारण विवादों में हैं क्रिकेट के गुड बॉय

rahul dravid in controversy Due to two positions being together
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rahul dravid in controversy Due to two positions being together

  • नेशनल क्रिकेट अकेडमी के निदेशक होने के साथ इंडिया सीमेंट ग्रुप के उपाध्यक्ष भी हैं राहुल
  • हितों के टकराव मामले में आरोप लगे,12 नवंबर को राहुल अपना पक्ष रखेंगे 
     

दैनिक भास्कर

Nov 09, 2019, 01:51 PM IST

लाइफ-नैनेजमेंट डेस्क. राहुल द्रविड़ को क्रिकेट से संन्यास लिए हुए छह साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। अब उनका पूरा ध्यान नए क्रिकेटर्स को तैयार करने पर होता है। उनका बड़ा बेटा समित भी क्रिकेट खेलता है। द्रविड़ कहते हैं कि पूरे कॅरिअर में उन पर गुड बॉय का ठप्पा लगा रहा। ऐसे में अगर वह छोटा सा भी काम ठीक तरह से नहीं करते, तो लोग उनसे सवाल करने लगते हैं। द्रविड़ कहते हैं कि वह अब इस इमेज को तोड़ना चाहते हैं। हालांकि द्रविड़ इस समय नकारात्मक कारणों से सुर्खियों में हैं। उन पर हितों के टकराव का मामला है। वह नेशनल क्रिकेट एकेडमी के प्रमुख होने के साथ-साथ इंडिया सीमेंट्स समूह के उपाध्यक्ष भी हैं। इंडिया सीमेंट ही आईपीएल की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स की मालिक है। एनसीए प्रमुख बनने से पहले वह इंडिया-ए और इंडिया अंडर-19 टीम के कोच भी थे। द्रविड़ की जर्सी का नंबर 19 है। बकौल द्रविड़, यह उनकी पत्नी विजेता का जन्मदिन है। वह जन्मदिन को खास और हमेशा याद रखना चाहते थे इसलिए उन्होंने जर्सी का नंबर 19 रखा।
 

क्रिकेट से इतर द्रविड़ के वो किस्से जिनके कारण लोग उन्हें ग्रेट कहते हैं

पद्मश्री सम्मान मिलने पर द्रविड़ और गांगुली की तस्वीर अखबार के पहले पन्ने पर छपी थी। तस्वीरें देखकर द्रविड़ ने अपनी पत्नी से कहा था कि पहले पन्ने पर ऐसी फोटो छपना दुर्भाग्यपूर्ण है। द्रविड़ का मानना है कि हीरो शब्द का इस्तेमाल बहुत संभलकर करना चाहिए और वास्तविक हीरो तो हमारे सैनिक, वैज्ञानिक और डॉक्टर हैं।
 

ब्लड कैंसर से जूझ रहे अशोक ढोके राहुल के बहुत बड़े फैन थे। अशोक अपने दोस्तों से अक्सर राहुल के बारे में बात करते। अशोक की बीमारी गंभीर थी, ऐसे में दोस्तों ने उनकी राहुल से बात कराने के बारे में सोचा। दोस्तों ने राहुल को ईमेल किए। राहुल की पत्नी विजेता ने फोन किया और उसके बाद द्रविड़ ने एक घंटे तक बात की और वहां मौजूद ना होने के लिए माफी भी मांगी।

बेंगलुरु यूनिवर्सिटी अपने वार्षिक दीक्षांत समारोह में द्रविड़ को ऑनरेरी डॉक्टरेट की मानद उपाधि देना चाहती थी। लेकिन द्रविड़ ने यह सम्मान लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह डॉक्टरेट की मानद उपाधि लेने के बजाय पढ़ाई करके डॉक्टरेट करना ज्यादा पसंद करेंगे।

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