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फ्यूचर ट्रेंड /आने वाले दौर में दिखाई देंगे फैशन में 5 प्रयोग, ड्रेस में पॉकेट और बेल स्लीव्स, लहंगे में पेस्टल शेड्स



5 future fashion trend by fashion writer ashmita agarwal
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5 future fashion trend by fashion writer ashmita agarwal

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2018, 07:49 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. एक समय सिर्फ पुरुषों के कपड़ों में जेब हुआ करती थी। लेकिन इस साल आने वाले फैशन सीजन में महिलाओं के कपड़ों में जेब को तरजीह दी जाएगी। पेस्टल कलर और सत्तर के दशक के झालर वाले कपड़े ट्रेंड में होंगे। ऐसे ही कई ट्रेंड के बारे में बता रही हैं फैशन राइटर अस्मिता अग्रवाल...

 

 

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  • स्लीव्स में डिटेलिंग पर होगा फोकस

    स्लीव्स में डिटेलिंग पर होगा फोकस

    एलोन्गेटेड, ट्रम्पेट, रागलन और किमोनो डिजाइनर इस साल अपने कलेक्शन में सिर्फ डिटेलिंग पर खेलेंगे। लहंगे के साथ वॉल्यूम स्लीव्स वाले ब्लाउज पहने जाएंगे। इसकी खास बात यह है कि बांह के ऊपरी हिस्से में फ्लैब छिपाएगा और निचला हिस्सा स्लिम दिखाई देगा। बेल स्लीव्स और बेटविंग स्लीव्स ड्रेस को खास बनाएंगी फिर चाहे किसी शाम में पहनने के लिए कोई झिलमिलाती हुई ड्रेस हो या फिर लिटिल ब्लैक ड्रेस। 

  • क्लेशिंग प्रिंट्स का दौर

    क्लेशिंग प्रिंट्स का दौर

    फैशन की सबसे खास बात यह है कि इस साल बेमेल या क्लेशिंग प्रिंट्स कैटवॉक पर वाकई काफी बड़े दिखाई दिए। यहां तक कि रंगों के नियम को तोड़ने के लिए इस बार डिजाइनरों ने लाल रंग के साथ हरा और नीले के साथ पीले रंग का प्रयोग कर ड्रामा क्रिएट किया है। प्रादा की तरह रनवे पर कैंडी स्ट्रिप प्रिंट या एटी में पिज्जाज में जीवंत फूलों को जोड़ा है, यह विचार इसलिए बनाया गया ताकि कुछ भी मैच न कर सके। यह मिसमैच ही मैच करना है। चैक, एनिमल और फ्लोरल प्रिंट इनमें से किसी को भी एक ही कपड़े पर एक साथ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था, लेकिन वॉश विंटेज फ्लॉवर, पोल्का डॉट्स और गिंगम के साथ यह प्रयोग संभव हुआ है।

  • पॉकेट है एक महिला की जीत

    पॉकेट है एक महिला की जीत

    परंपरागत रूप से जेब या पॉकेट का प्रयोग पैसे या कुछ जरूरी चीज रखने के लिए किया जाता था, लेकिन अब पॉकेट भी स्टेटमेंट के रूप में प्रयोग हो रही है। यहां तक कि लहंगे में भी पॉकेट बन रही है। एक दुल्हन भी अपनी शादी को एंजॉय करना चाहती है और अपने हाथ को मुक्त रखना चाहती है। फैशन में यह एक क्रांतिकारी बदलाव है कि पुरुषों के कपड़ों में जैकेट, पैंट और शर्ट तक में पॉकेट बने होते हैं। अब वह महिलाओं के कपड़ों में भी प्रयोग होने लगे हैं। कपड़ों में पॉकेट ऐसी जगह पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जहां कभी इनकी कल्पना भी नहीं थी। शर्ट की बांह पर भी। महिलाएं अब घर के बाहर भी कार्य कर रही हैं। ऐसे में किसी मीटिंग में यदि वह बैग नहीं लेकर जाना चाहती हैं और कुछ रखना चाहें अपने पास तो पॉकेट में आ सके। यह कई मायनों में महिला की जीत है। 

  • फ्रिंज यानी 70 के दशक की वापसी

    फ्रिंज यानी 70 के दशक की वापसी

    फ्रिंज यानी झालर का प्रयोग बड़ा है। यह ट्रेंड 70 के दशक में प्रयोग किया जाता था कि कपड़ों, बैग, शूज और पैंट पर भी अब झालर दिखाई दे रही हैं। इसकी खूबसूरती यह है कि फ्लैपर गर्ल आपको एफ स्कॉट फिटज़राल्ड और फेमस किताबत द ग्रेट गत्स्वी के युग में वापस ले जाती है। 

  • पेस्टल कलर का प्रयोग

    पेस्टल कलर का प्रयोग

    मिन्टी ब्लू और बेबी पिंक का इस बार आपको बिलकुल अलग सा शेड इंटरनेट पर छाया हुआ दिखाई देगा। दुल्हन से लेकर दुल्हन से जुड़े सभी करीबी लोग इस रंग को खास तौर पर अपनाएंगे। पाउडरी और वॉश्ड वर्जन को उन अनुशासित लोगों द्वारा अपनाया जा रहा है, जो बैंडवैगन यानी अलग से कभी हिचक महसूस नहीं करते हैं। ओवरसाइज कोट्स और स्थानीय टेलरिंग के प्रयोग फीमेल ड्रेस के साथ किए जा रहे हैं। 

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