शोध / हाथी सूंघकर कम-ज्यादा का फर्क बताने में समर्थ, हथिनी को ढूंढने में भी इसी खूबी का प्रयोग करता है

Dainik Bhaskar

Jun 05, 2019, 12:22 PM IST


Elephants can count with their trunks says scientist
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Elephants can count with their trunks says scientist

  • अमेरिकी शोधकर्ताओं का दावा, 12 से 45 साल के 6 एशियन हाथियों पर किया प्रयोग
  • शोधकर्ताओं के मुताबिक, पहली बार स्तनधारी जानवर में ऐसी खूबी देखी गई कि वह सवालों का जवाब दे सकता है

लाइफस्टाइल डेस्क. हाथी अपनी सूंड़ से सूंघकर चीजों को गिन सकता है। शोधकर्ता का कहना है कि हाथी के सूंघने की क्षमता काफी बेहतर होती है। इस कारण वह कम और अधिक संख्या में रखी चीजों को पहचान पाने में समर्थ है। यह दावा न्यूयॉर्क की सिटी यूनिवर्सिटी और हंटल कॉलेज के शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में किया है। शोध 12 से 45 साल के 6 एशियन हाथियों पर किया गया है जो थाइलैंड में रहते हैं

अधिक भूख लगने के कारण नर हाथी की क्षमता अधिक

  1. शोध के दौरान दो बल्टियां ली गईं। एक में 4 ग्राम और दूसरी में 24 ग्राम सूरजमुखी के बीज रखे गए। अधिक और कम मात्रा को हाथी ने पहचान लिया। शोधकर्ता का कहना है कि दूसरे जानवर इसे नहीं समझ पाते। वहीं कुछ ऐेसे हैं जो सिर्फ आंखों से मात्रा को देखकर अंतर की ओर इशारा कर पाते हैं। जबकि दो बाल्टियों में से किसमें सूरजमुखी के बीज ज्यादा हैं हाथी ये पहचान सकता है। 

     

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  2. शोध के मुताबिक, नर हाथी इस काम को और भी बेहतर तरीके से करते हैं क्योंकि ज्यादा भूख लगने के कारण उनकी सूंघने शक्ति और भी बेहतर हो जाती है। इसके अलावा नर हाथी मादा के साथ प्रजनन करने के लिए इसी खूबी का प्रयोग करता है। तेज गर्मी में अधिक दूरी पर होने के बावजूद वह हथिनी को ढूंढ लेता है। 

  3. शोधकर्ताओं के अनुसार, ऐसा पहली बार हुआ जब कोई जानवर अपने सूंघने की क्षमता से भी चीजों की कम या अधिक मात्रा बताने में समर्थ पाया गया है। कुत्ते सूंघने की क्षमता का इस तरह प्रयोग करने में असमर्थ रहे हैं। शोधकर्ताओं का कहना है, हाथी की सूंघने की क्षमता विशेष खूबी की तरह है इसका इस्तेमाल मेमोरी से जुड़े कामों में किया जा सकता है। 

     

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  4. शोधकर्ताओं का कहना है कि हाथी अक्सर बेहतर खाने और पानी की तलाश में काफी दूर तक चले जाते हैं। मौसम में बदलाव होने पर इन्हें और दूर चलना पड़ सकता है। इससे उनके वातावरण में बदलाव हो सकता है और इंसानों के अटैक का सामना करना पड़ सकता है।

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