इंटरेस्टिंग / दुनिया में पहली बार समुद्र में 11 किमी गहराई तक पहुंचा इंसान, वहां भी प्लास्टिक का कचरा देखकर हैरान रह गया



frist time in the world when any person go 11 km in sea depth
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frist time in the world when any person go 11 km in sea depth

Dainik Bhaskar

May 14, 2019, 11:56 AM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. अमेरिकी खोजकर्ता विक्टर वेस्कोवो पहली बार समुद्र की 11 किलोमीटर की गहराई में उतरे, तो उन्हें वहां भी प्लास्टिक का कचरा मिला। वे प्रशांत महासागर के मारियाना ट्रेंच में करीब चार घंटे तक रहे। यह दुनिया का सबसे गहरा स्थान है। विक्टर को यहां समुद्री जीवों के अलावा प्लास्टिक बैग और मिठाई के खाली डिब्बे मिले।

 

विक्टर की टीम पनडुब्बी और मोटर शिप के जरिए मारियाना ट्रेंच की निचली सतह पर पांच बार उतरी। टीम ने दूरदराज के इलाकों का पता लगाने के लिए रोबोटिक लैंडर्स तैनात किए थे। विक्टर ने कहा कि अभियान के दौरान पूरी टीम उत्साहित थी। हमने तेज लहरों के बीच गहरे और कठोर समुद्र में उतरने मे सफलता हासिल की। यह उच्च समुद्री तकनीक के इस्तेमाल का अच्छा उदाहरण है।

इंसान ने ऐसा तीसरी बार किया

  1. पहली बार 1960 में अमेरिकी नौसेना के लेफ्टिनेंट डॉन वॉल्श और स्विटजरलैंड के इंजीनियर जैक्स पिककार्ड मारियाना ट्रेंच की निचली सतह तक पहुंचे थे। वे करीब 10 किमी तक ही पहुंच सके थे। वॉल्श ने सफलता पर विक्टर को बधाई दी है।

  2. सालभर पहले चीन की पनडुब्बी भी पहली बार समुद्र के भीतर 4027 मीटर गहराई तक पहुंची थी। अमेरिका कई दशकों तक चीन को अपना प्लास्टिक कचरा सस्ते दामों पर निर्यात करता रहा। कनाडा अपना कचरा फिलीपींस के मनीला के बंदरगाह पर डंप करता है। अमीर देश बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा उत्पन्न करते हैं, लेकिन उसकी रिसाइकिलिंग नहीं कर पाते।

  3. 10 करोड़ टन प्लास्टिक कचरा है समुद्र में

    • दुनिया में सालाना 30 करोड़ टन प्लास्टिक कचरे का उत्पादन होता है। रिसर्चर्स के मुताबिक, दुनियाभर के महासागरों में 10 करोड़ टन प्लास्टिक कचरा पाया जाता है।
    • इसमें से 90% कचरा सिर्फ दस नदियों के जरिए समुद्र में पहुंचता है। इसमें एशिया की नदियों की संख्या ज्यादा हैं। भारत से निकलने वाली गंगा और सिंधु भी इसमें शामिल है।

     

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