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दिलचस्प /‘तितली’ के बाद अगले तूफान का नाम होगा ‘लुबान’, ऐसे किया जाता है चक्रवातों का नामकरण



how cyclone named who named cyclone titli
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how cyclone named who named cyclone titli
  • तूफानों के नामकरण की शुरुआत अटलांटिक महासागर से उठने वाले चक्रवात से हुई थी
  • पहले तूफानों का नामकरण महिलाओं के नाम पर किया गया, जिसकी शुरुआत A से Z के बढ़ते अक्षरों के क्रम में की गई।

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 05:48 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तबाही मचाने वाला चक्रवाती तूफान 'तितली' अब तक 9 लोगों की जानें ले चुका है। ये चक्रवाती तूफान भले ही कुछ समय के लिए आते हैं लेकिन ऐसी तबाही मचाते हैं जिससे जीवन को पटरी पर लाने में सालों लग जाते हैं। चक्रवाती तूफान तितली अपने नाम के बिल्कुल विपरीत है।


तूफान का यह नाम पाकिस्तान ने दिया था। भविष्‍य में अब चक्रवाती तूफान आता है तो नाम रखने का मौका ओमान और फिर म्यांमार को मिलेगा। ओमान के मौसम वैज्ञानियों ने तय किया है कि ‘तितली’ के बाद आने वाले तूफान का नाम ‘लुबान’ रखा जाएगा। जबकि ‘लुबान’ के बाद उठने वाले चक्रवाती तूफान का नाम ‘दाए’ होगा। यह नाम म्यांमार ने दिया है। तूफानों के नाम कैसे रखे जाते हैं, ये अपने आप ने दिलचस्प सवाल है। इसकी शुरुआत अटलांटिक महासागर से उठने वाले चक्रवात से हुई थी। इन्हें नाम दिए जाने के पीछे की वजह इन्हें याद रखना है। जानते हैं इंसान की जिंदगी को हिला देने वाले तूफानों के नामकरण की शुरुआत कैसे हुई….
 

  • हवा की गति तय करती है चक्रवात का प्रकार

    हर तूफान को नाम नहीं दिया जाता। इसका भी एक मानक है। 39 मील प्रति घंटा की गति से चलने वाली हवाओं के कारण उठने वाले चक्रवाती तूफान को नाम दिया जाता है। तूफान का प्रकार भी महासागर के नाम पर तय किया गया है। जैसे अटलांटिक सागर में उठने वाले तूफान को हरकेन , प्रशांत महासागर में उठने वाले को टायफून और भारतीय सागर में उठने वाले सायक्लोन कहते हैं। तूफान में हवा गति 74 मील प्रति घंटा होने पर इसे  हरकेन, टायफून और सायक्लोन में क्लासीफाइड किया जाता है।

  • ऐसे हुई नाम की शुरुआत

    तूफानों का नाम रखने की की शुरुआत वर्ल्ड मेट्रियोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन और मियामी नेशनल हरीकेन सेंटर ने 1953 में की। पहले तूफानों का नामकरण महिलाओं के नाम पर किया गया। जिसकी शुरुआत A से Z के बढ़ते अक्षरों के क्रम में की गई। 1978 में पुरुषों से जुड़े नामों को शामिल किया गया।

  • 64 नामों की बनाई गई थी सूची

    • साल 2000 में वर्ल्ड मेट्रियोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन ने भारतीय महासागर क्षेत्र से जुड़े देशों से तूफानों के नाम मांगे। इन देशों में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल है।
    • इन 8 देशों के मौसम वैज्ञानिकों ने 64 नामों की सूची बनाई। सभी देशों को एक-एक बार क्रमानुसार तूफान के नामकरण का मौका मिलता है। इस बार यह मौका पाकिस्तान को मिला था। 10 अक्टूबर को आए चक्रवात तूफान का नाम ‘तितली’ पाकिस्तान का दिया हुआ है। 

  • भारत और पाकिस्तान ने ये दिए थे नाम

    • भारत ने जो नाम दिए थे उनमें अग्नि, आकाश, बिजली, जल, लहर, मेघ, सागर और वायु हैं। वहीं पाकिस्तान ने नीलोफर, तितली और बुलबुल जैसे नाम दिए थे।
    • अमरीका में हर साल 21 नामों की सूची तैयार की जाती है। इनमें ऑड-ईवन फॉर्मूला अपनाया जाता है। ऑड ईयर में महिला और ऑड ईयर में तूफानों के नाम पुरुषों के नाम पर आधारित होते हैं।

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