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5 माह की परफेक्ट प्लानिंग शादी में लगाएगी चार चांद, हर रस्म बनेगी यादगार

वेडिंग को यादगार बनाने के लिए जरूरी है कि तैयारियों से जुड़े कामों को प्लानिंग का रूप दिया जाए ताकि ये समय से पूरे हो सकें।

Danik Bhaskar | Sep 05, 2018, 03:29 PM IST

भोपाल/ग्वालियर. एससी-एसटी एक्ट का विरोध कर रहे सवर्ण वर्ग ने 6 सितंबर को भारत बंद का आह्वान कर दिया है। बंद को मध्यप्रदेश सपाक्स और करणी सेना के साथ कुछ अन्य संगठनों का समर्थन है। बंद के आह्वान को देखते हुए प्रशासन ने सभी जिलों में पुलिस को अलर्ट कर दिया है। अशोकनगर, गुना, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, भिंड और छतरपुर जिलों में मंगलवार से ही धारा 144 लगा दी गई है। विदिशा में बुधवार को भी स्कूल बंद रहे। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों से कैबिनेट बैठक में कहा कि बंद को लेकर कोई भी हिंसा न हो, इस पर नजर रखें। 

 

दरअसल, मंगलवार को स्वाभिमान सम्मेलन में राजपूत करणी सेना की एंट्री से प्रशासन और पुलिस सकते में हैं। सम्मेलन में कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर की हुंकार और राजपूत करणी सेना की खुली चुनौतियों से सवर्ण आंदोलन को और हवा मिली है। इसी के चलते मंगलवार शाम को ही 11 सितंबर तक धारा-144 लगा दी गई। अब पुलिस और प्रशासन की नजर 6 सितंबर को होने वाले भारत बंद पर है। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा, किसी कीमत पर नहीं होने देंगे हिंसा : कैबिनेट की बैठक में सपाक्स के एससी-एसटी ऐक्ट में संशोधन के खिलाफ चलाए जा रहे विरोध प्रदर्शन का नाम लिए बगैर शांति की अपील की गई। पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था मकरंद देउस्कर ने मंगलवार को बताया कि सवर्ण समाज का विरोध अब तक मंदसौर, नीमच, ग्वालियर जैसे कुछ शहरों में रैली के रूप में हुआ है। उन्होंने बताया कि सपाक्स सहित करीब 30 से 35 संगठनों द्वारा भारत बंद का आव्हान किया गया है, जो केवल सोशल मीडिया पर चल रहा है। 

 

इन जिलों में विरोध प्रदर्शन : एस्ट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ यूं तो पूरे प्रदेश में हंगामा और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, इसमें कटनी, सतना, जबलपुर, रीवा, विदिशा, हरदा, बदनावर, सागर, टीकमगढ़, मंडला, श्योपुर जैसे जिले में नाराजगी साफ देखी गई और विरोध प्रदर्शन हुए हैं। विदिशा में विरोध प्रदर्शन का देखते हुए स्कूल बंद कर दिए गए हैं।