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हिंदी दिवस / बोलचाल, तकनीक और वेब पर सबसे तेज बढ़ रही है हमारी हिन्दी, 5 बड़ी बातें



Danik Bhaskar | Sep 15, 2018, 05:13 AM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. कोई भाषा मातृभाषा का विकल्प नहीं हो सकती। हिन्दी के साथ भी ऐसा ही है। तमाम चिंताओं और दुश्वारियों के बीच हिन्दी देश में सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। ये हिन्दी की ताकत ही है कि तमाम बड़ी विदेशी कंपनियां हिन्दी को बढ़ावा दे रही हैं। देशभर में 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन साल 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा बनाने का फैसला किया था। हिंदी दिवस पहली बार 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था। भारत में करीब 54.5 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं जिनमें से 42.5 करोड़ उसे अपनी पहली भाषा मानते हैं। जानते हैं हिंदी से जुड़ी 5 बड़ी बातें...

 

43% लोग देश में हिन्दी भाषा बोलते हैं
जबकि 2001 में यह आंकड़ा 41.3% था। तब 42 करोड़ लोग हिन्दी बोलते थे। 2011 में ये 52 करोड़ हो गए। हाल ही में जारी जनगणना के आंकड़ों के अनुसार 2001 से 2011 के बीच हिन्दी बोलने वाले 10 करोड़ बढ़ गए। यानी हिन्दी देश की सबसे तेजी से बढ़ती भाषा है।

 

45 फीसदी बढ़े हिंदी पढ़ने वाले
17.6 करोड़ है देश में हिन्दी अखबार पढ़ने वालों की संख्या। 2014 में यह 12.1 करोड़ थी। यानी हिन्दी अखबार पढ़ने वालों की संख्या 45% बढ़ी है। 2016 में डिजिटल माध्यम में हिन्दी समाचार पढ़ने वालों की संख्या 5.5 करोड़ थी। जो 2021 में बढ़कर 14.4 करोड़ होने का अनुमान है।

 

हर साल हिंदी पढ़ने वाले 94 फीसदी बढ़ रहे हैं
2021 में हिन्दी में इंटरनेट उपयोग करने वाले अंग्रेजी में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों से अधिक हो जाएंगे। 20.1 करोड़ लोग हिन्दी का उपयोग करने लगेंगे। गूगल के अनुसार हिन्दी में सामग्री पढ़ने वाले हर वर्ष 94% बढ़ रहे हैं, जबकि अंग्रेजी में 17% है।

 

डिजीटल वर्ल्ड में भी हिन्दी आगे 
अमेजन इंडिया ने हाल ही में अपना एप हिन्दी में लॉन्च किया है। ओएलएक्स, क्विकर जैसे प्लेटफॉर्म पहले ही हिन्दी में उपलब्ध हैं। स्नैपडील भी हिन्दी में आ चुका है। 2021 तक 8.1 करोड़ लोग डिजिटल पेमेंट के लिए हिन्दी का उपयोग करने लगेंगे। जबकि 2016 में यह संख्या 2.2 करोड़ थी। सरकारी कामकाज के लिए 2016 तक 2.4 करोड़ लोग हिन्दी का इस्तेमाल करते थे जो 2021 में 9.4 करोड़ हो जाएंगे। 

 

लेकिन ये चिंता भी, मंत्री और अधिकारी ही नहीं करते हैं हिन्दी भाषा का प्रयोग 
हाल ही में राजभाषा विभाग के सचिव ने कहा है कि मंत्रियों और विभागों की ओर से मिलने वाले पत्रों में सिर्फ 10 से 20 प्रतिशत ही हिन्दी में होते हैं। हालांकि अधिकांश मंत्री दावा करते हैं कि वे 50 से 60 प्रतिशत पत्र-व्यवहार हिन्दी में करते हैं। 

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