ट्रैवेलॉग / भव्य और आधुनिक परिवेश के साथ ही म्यूजियम, पार्क और शॉपिंग मॉल के लिए जाना जाता है शंघाई शहर

Known for its grand and modern surroundings as well as museums, gardens, parks and shopping malls
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Known for its grand and modern surroundings as well as museums, gardens, parks and shopping malls

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 11:21 AM IST
लाइफस्टाइल डेस्क. चीन का शंघाई शहर अपने भव्य और आधुनिक परिवेश के साथ ही संग्रहालयों, उद्यानों, पार्क और शॉपिंग मॉल के लिए भी जाना जाता है। चहल-पहल से भरा यह शहर दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। चीन का शहर शंघाई अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ-साथ खूबसूरत इमारतों, परिदृश्यों और सांस्कृतिक विविधता के लिए भी जाना जाता है। शंघाई चाइना का सबसे बड़ा और व्यासायिक शहर है, जो चीन के मध्य स्थित है। यह शहर अपनी गगनचुम्बी इमारतों, नदियों, शंघाई टॉवर, ओरिएंटल पर्ल टॉवर के लिए विख्यात है। खरीदारी के लिए नेनजिंग रोड प्रमुख है। मुद्रा युआन है और पेमेंट ज्यादातर नकद या मोबाइल फोन से होता है। चीन के नागरिकों को अपनी मातृभाषा पर गर्व है। प्रत्येक स्थान पर चाइनीज भाषा ही बोली जाती है। चीनी नागरिकों को अंग्रेजी से कोई लगाव नहीं है, इसीलिए यहां ट्रांसलेटर एप की बहुत जरुरत होती है। इसी तरह चीन में कचरा फेंकने के लिए चार कलर कोड के  ड्रम प्रत्येक स्थान पर रखे जाते हैं। जिसमें नागरिक वेस्ट और कचरा डालते हैं। इस कारण गंदगी फैलने का खतरा नहीं होता।कुछ वक्त पहले इंदौर की डॉ. साधना सोडानी चीन गई थीं, यहां उन्होंने अपना ट्रेवल एक्सपीरियंस शेयर किया...

संग्रहालय, उद्यान बनाते हैं इसे खास

  1. पर्यटकों के लिए शंघाई विश्वस्तरीय शहर है, जहां मनोरंजन के कई विकल्प उपलब्ध हैं। शंघाई न केवल अपनी शानदार चमचमाती स्काईलाइन के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके संग्रहालय, सुंदर उद्यान और ललित कला दीर्घाएं भी उतनी ही आकर्षक हैं। बॉटेनिकल गार्डन, जेड बुद्धा टेम्पल, गोंगयुआन पार्क, ओल्ड टाउन, चर्च ऑफ ज़ुझियानहुई और पैगोडा फॉर पियरल्स इस आकर्षक शहर के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।

  2. चाइनीज भाषा का उपयोग अधिक

    चीन में टैक्सी मालिक भी चाइनीज भाषा ही बोलते हैं। इसलिए मोबाइल पर चाइनीज डेस्टिनेशन शो करना होता है। चाइनीज नागरिक भोजन में ज्यादातर नॉनवेज का प्रयोग करते हैं। इसलिए शाकाहारी खाने वाले को ध्यान देना होता है। यहां सभी चाइनीज डिश प्रोटीन से भरपूर होती हैं। इससे चीन के लोगों के दुबले-पतले एवं चपल होने का राज भी पता चलता है। इस देश में मेडिकल सुविधाएं भी काफी आधुनिक हैं। एशिया के कई बड़े कार्यालय यहां कार्यरत हैं। चाइनीज नागरिक रंगों के काफी प्रेमी होते हैं, इसलिए शहर में कई स्थानों पर रंगों का अनूठा प्रयोग देखने को मिलता है। 

  3. शंघाई म्यूजियम

    यह संग्रहालय चीन की प्राचीन कला का अद्भुत खजाना है यहां लगभग 1,20,000 कीमती वस्तुएं प्रदर्शित हैं। दूर से देखने पर संग्रहालय का आकार एक कांसे के प्राचीन बरतन जैसा प्रतीत होता है जो 5 हजार वर्ष पूर्व चीन में भोजन पकाने के लिए प्रयोग किया जाता था। यहां 4 तलों पर कुल 11 संग्रहालय बने हैं जिनमें अलग-अलग कांसे, पाटरी, फर्नीचर, जेड, धातु के बरतन, आभूषण, हस्तकला तथा ग्रामीण आर्ट के संग्रहालय हैं।

  4. भारतीय समय से 3 घंटे आगे

    सबसे पहले हम सिंगापुर होते हुए शंघाई एयरपोर्ट पर उतरे। यहां समय भारतीय समय से 3 घंटे आगे रहता है। शंघाई में एशिया की गगनचुम्बी इमारतों में से एक ओरिएंटल टॉवर है, जहां पर 2-3 घंटे की कतार के बाद 361 मीटर ऊंचाई पर शंघाई का खूबसूरत विहंगम दृश्य दिखाई देता है। लाइटिंग तो यहां प्रत्येक वृक्ष पर डिस्प्ले होती हैं, जिससे पूरा शहर इस तरह सजा हुआ दिखाई देता है जैसे भारत में दिवाली पर रौनक होती है। चीन में अमेरिका का कोई भी मोबाइल एप कार्य नहीं करता है, इसलिए वॉट्सएप, फेसबुक, गूगल और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स यहां प्रतिबंधित हैं, क्योंकि चीन के नागरिक अपने देश में डिजाइन किए हुए मोबाइल एप का ही उपयोग करते हैं।

  5. इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों का बड़ा मार्केट शेनजान

    शंघाई से शेनजान जाने के लिए 3 घंटे की फ्लाइट है। शेनजान में इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों और कपड़ों का वृहद मार्केट है, जहां पर भावताव बहुतायत में होता है, परन्तु छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी वस्तुएं एक ही स्थान पर मिल जाती हैं। शेनजान तकनीकी नॉलेज से भरे युवाओं का शहर है। दुनिया के सभी कंपनी के पार्ट्स यहां पर बनाए जाते हैं। कार्य कुशलता में चीन के नागरिकों का जवाब नहीं।

  6. ओरिएंटल पर्ल टीवी टॉवर से सुंदर नजारा

    यहां का यह टॉवर पर्यटकों का सबसे प्रमुख आकर्षण है। इसे ‘फोटोग्राफिक ज्वैल’ का नाम दिया गया है यानी इसे कैमरे में कैद कर के फोटोग्राफी के शौकीन भरपूर संतुष्टि पा सकते हैं। पुडोंग पार्क में बना यह टावर यांगपू पुल से घिरा हुआ है। इसका दृश्य ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे 2 ड्रैगन मोतियों से खेल रहे हों। 468 मीटर ऊंचा यह विश्व में तीसरा सबसे ऊंचा टाॅवर है। 3 खंभों पर खड़ा यह टॉवर रात की रोशनी में और भी अधिक आकर्षक हो उठता है। डबल डैकर एलीवेटर्स में इतनी ऊंचाई तक 7 मीटर प्रति सैकंड की गति से ऊपर जाते हैं। दर्शक 263.5 मीटर की ऊंचाई तक जाते हैं, जहां लगे आब्जर्वेटरी लेवल से पूरे शंघाई का सुंदर नजारा देखा जा सकता है। टाॅवर का भीतरी भाग अद्भुत मनोरंजक खजाने से भरा है। शंघाई में जेड बुद्धा मंदिर विश्व के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां सफेद जेड (एक प्रकार के अत्यंत कीमती पत्थर) से बनी बुद्ध प्रतिमाएं हैं।

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