भगवान को 56 भोग लगाने की परंपरा श्रीकृष्ण से जुड़ी है, 6 तरह के रस से तैयार होता है यह विशेष भोग

Dainik Bhaskar

Sep 03, 2018, 01:17 PM IST

कड़वा, तीखा, कसैला, अम्ल, नमकीन और मीठा ये छह रस या स्वाद होते हैं। इन छह रसों के मेल से अधिकतम 56 प्रकार के खाने योग्य व्यंजन बनाए जा सकते हैं। इसलिए 56 भोग का मतलब है वह सभी प्रकार का खाना जो हम भगवान को अर्पित कर सकते हैं।

krishna janmashtami 2018 2018 special what is 56 bhog and story behind 56 b
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krishna janmashtami 2018 2018 special what is 56 bhog and story behind 56 b

लाइफस्टाइल डेस्क. खास पूजा और त्योहारों पर भगवान को 56 भोग लगाए जाते हैं। पूजा में भगवान को लगने वाले 56 तरह के भोग की कहानी भी भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी है। जानते हैं कि आखिर भगवान को 56 भोग लगाने के पीछे कौन सी कहानी हैं और क्या होते हैं 56 भोग...

 

पहली कहानी
इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों को बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया था तब उन्हें लगातार सात दिन भूखा रहना पड़ा था। इसके बाद उन्हें सात दिनों और आठ पहर के हिसाब से 56 व्यंजन खिलाए गए थे। माना जाता है तभी से ये ’56 भोग’ परम्परा की शुरुआत हुई।

 

दूसरी कहानी
गौ लोक में श्रीकृष्‍ण और राधा एक दिव्य कमल पर विराजते हैं। उस कमल की तीन परतों में 56 पंखुड़ियां होती हैं। प्रत्येक पंखुड़ी पर एक प्रमुख सखी और बीच में भगवान विराजते हैं। इसलिए 56 भोग लगाया जाता है।

 
क्या है छप्पन भोग का गणित?
कड़वा, तीखा, कसैला, अम्ल, नमकीन और मीठा ये छह रस या स्वाद होते हैं। इन छह रसों के मेल से अधिकतम 56 प्रकार के खाने योग्य व्यंजन बनाए जा सकते हैं। इसलिए 56 भोग का मतलब है वह सभी प्रकार का खाना जो हम भगवान को अर्पित कर सकते हैं। 
 
क्या हैं 56 भोग में शामिल व्यंजनों के नाम?
1) भक्त (भात),2) सूप (दाल),3) प्रलेह (चटनी),4) सदिका (कढ़ी),5) दधिशाकजा (दही शाक की कढ़ी),6) सिखरिणी (सिखरन),7) अवलेह (शरबत),8) बालका (बाटी) 9) इक्षु खेरिणी (मुरब्बा),10) त्रिकोण (शर्करा युक्त),11) बटक (बड़ा),12) मधु शीर्षक (मठरी),13) फेणिका (फेनी),14) परिष्टाश्च (पूरी),15) शतपत्र (खजला),16) सधिद्रक (घेवर)17) चक्राम (मालपुआ),18) चिल्डिका (चोला),19) सुधाकुंडलिका (जलेबी),20) धृतपूर (मेसू),21) वायुपूर (रसगुल्ला),22) चन्द्रकला (पगी हुई),23) दधि (महारायता),24) स्थूली (थूली)25. कर्पूरनाड़ी (लौंगपूरी), 26. खंड मंडल (खुरमा), 27. गोधूम (दलिया), 28. परिखा, 29. सुफलाढय़ा (सौंफ युक्त), 30. दधिरूप (बिलसारू), 31. मोदक (लड्डू), 32. शाक (साग) 33. सौधान (अधानौ अचार), 34. मंडका (मोठ), 35. पायस (खीर) 36. दधि (दही), 37. गोघृत, 38. हैयंगपीनम (मक्खन), 39. मंडूरी (मलाई), 40. कूपिका 41. पर्पट (पापड़), 42. शक्तिका (सीरा), 43. लसिका (लस्सी), 44. सुवत, 45. संघाय (मोहन), 46. सुफला (सुपारी), 47. सिता (इलायची), 48. फल, 49. तांबूल, 50. मोहन भोग, 51. लवण, 52. कषाय, 53. मधुर, 54. तिक्त, 55. कटु, 56. अम्ल।

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