ओवरटूरिज्म / नीदरलैंड्स पर्यटक बढ़ने से परेशान, टूरिज्म टैक्स लगाने पर भी कम नहीं हुए; अब प्रचार-प्रसार बंद करने का फैसला किया



Netherlands to stop tourist publicity to decrease the number of tourist
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Netherlands to stop tourist publicity to decrease the number of tourist

  • एक दशक में 1.1 करोड़ से बढ़कर 1.8 करोड़ हुए पर्यटक, 2029 तक 2.9 करोड़ का अनुमान 
     

Dainik Bhaskar

May 11, 2019, 11:21 AM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. नीदरलैंड्स सरकार के पर्यटन बोर्ड ने तय किया है कि वह जल्द ही देश के पर्यटन का प्रचार-प्रसार बंद कर देगा। इसके पीछे वजह पर्यटकों का जरुरत से ज्यादा देश में आना बताया जा रहा है। डच अधिकारियों का अनुमान है कि अगले एक दशक में दुनियाभर से आने वाले पर्यटकों की संख्या 1.9 करोड़ से बढ़कर 2.9 करोड़ पर पहुंच जाएगी। स्थानीय लोग भी इस ओवरटूरिज्म से चिंतित हैं।

पर्यटकों के सामने रखा दूसरे पर्यटन स्थलों का विकल्प

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    टूरिज्म बोर्ड पर्यटकों की संख्या घटाने की योजना पर काम कर रहा है, इसमें पर्यटकों को एम्सटर्डम के अलावा देश के अन्य पर्यटन स्थलों के लिए आकर्षित करने जैसे विकल्प भी रखे जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि पर्यटकों की संख्या उम्मीद से ज्यादा होने से मकानों की लागत बढ़ गई है, अव्यवस्था फैल रही है और शहरों के लोगों में पड़ोसी भावना की भी कमी दिखने लगी है। 2005 तक देश में 1.1 करोड़ लोग घूमने आते थे, 2016 में इनकी संख्या बढ़कर करीब 1.8 करोड़ हो गई। 

  2. टैक्स बढ़ने के बाद भी बढ़े सैलानी

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    पर्यटकों की आमद पर अंकुश लगाने के लिए पिछले साल सरकार ने टूरिस्ट टैक्स की शुरुआत की थी। इससे जुड़ी सेवाओं पर भी कई तरह के शुल्क लगाए गए थे। फिर भी पर्यटकों की संख्या में कमी नहीं आई। सरकार इस साल टैक्स फिर बढ़ाने जा रही है। इसके तहत जहाजों पर घूमने जाने वाले लोगों के लिए प्रति यात्री 650 रुपए टैक्स लिया जाएगा। लोगों का कहना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या से सिर्फ एम्सटर्डम ही परेशान नहीं है, केकुएनहॉफ बल्ब गार्डन और किंडरजक विंडमिल डिस्ट्रिक्ट जैसे इलाकों में सीजन के दौरान मुश्किल से जगह मिल पाती है। 

  3. जापान ने पर्यटकों के चलते हुए खाने पर प्रतिबंध लगाया 

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    जापान ने प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कामकुरा में पर्यटकों के घूमते-फिरते हुए खाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यहां पर देश में बुद्ध की सबसे बड़ी मूर्ति है। रोज 50-60 हजार लोग घूमने आते हैं। प्रशासन का कहना है कि इससे सड़कों पर खाने की चीजें फैलती हैं। जानवर इसे खाने के लिए आते हैं और गंदगी होती है, सफाई का काम स्थानीय लोगों को ही करना पड़ता है। इसके अलावा जापान की परंपरा के मुताबिक खाते हुए कोई और काम करना अच्छा नहीं माना जाता। यदि कोई ऐसा कर रहा है तो माना जाता कि वह व्यक्ति खाने का सम्मान नहीं करता। 

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