खोज / जुरासिक पीरियड के डायनासोर की नई प्रजाति खोजी गई, 41 साल से म्यूजियम में गुमनाम रखा था



New species of dinosaur discovered after decades in museum
X
New species of dinosaur discovered after decades in museum

  • नई प्रजाति का नाम मैस्सोपॉन्डायलस है जो 1978 में दक्षिण अफ्रीका में मिला था
  • शोधकर्ताओं का दावा; नए डायनासोर की प्रजाति 10 फीट लंबी रही होगी और पेड़ों को खाते होंगे

Dainik Bhaskar

Aug 06, 2019, 05:56 PM IST

साइंस डेस्क. ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने डायनासोर की नई प्रजाति खोजी है। जिसका अवशेष कई दशकों से एक म्यूजियम में रखा था और पहचाना नहीं जा सका था। नई प्रजाति का नाम मैस्सोपॉन्डायलस है जिससे जुरासिक पीरियड के शुरुआती समय का बताया गया है। 

हड्डियां और खोपड़ी अलग किस्म की हैं

  1. शोधकर्ताओं के मुताबिक, 1978 में साउथ अफ्रीका मेंं डायनासोर के अवशेष मिले थे जिसे पहचाना नहीं जा सका था। इसे लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में रखा गया था। कुछ समय पहले इसे साउथ अफ्रीका की यूनिवर्सिटी ऑफ विटवाटरस्रेंड के शोधकर्ताओं की टीम में देखा। पाया गया कि इसकी हड्डियां और खोपड़ी डायनासोर की एक प्रजाति से मिलती हैं।

  2. नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम के पीएचडी स्कॉलर किंबर्ले चेपल और डायनासोर रिसर्चर पॉल बारेट ने म्यूजियम में रखे टुकड़े को पहचाना और इसे डायनासोर के होने की पुष्टि की। डायनासोर रिसर्चर पॉल के मुताबिक, मेरे कई साथी इसे सालों से देख रहे हैं लेकिन उनका कहना है यह काफी अलग है। जांच में यह डायनासोर की सबसे आम प्रजाति मैस्सोपॉन्डायलस का पाया गया है। जो खासतौर पर दक्षिण अफ्रीका में पाया जाता था।

  3. डायनासोर रिसर्चर पॉल के मुताबिक, किंबर्ले चेपल काफी समय से डायनासोर की मैस्सोपॉन्डायलस प्रजाति पर काम कर रहे हैं। वह इस जानवर की कई दूसरी प्रजातियों का भी अध्ययन कर रहे हैं। लेकिन लैब में रखा यह जीवाश्म हड्डियों और खोपड़ी के मामले में काफी अलग है। जो इस बात का संकेत देता है यह प्रजाति कितनी अलग है।

  4. शोधकर्ताओं के मुताबिक, नए डायनासोर की प्रजाति 10 फीट लंबी रही होगी। ये पेड़ और छोटे जानवरों को खाते होंगे। इनकी गर्दन लंबी और सिर काफी छोटा रहा होगा। म्यूजियम में रखे नमूने को नगवेवू इंटलोको नाम दिया गया है। इसका मतलब होता है ग्रे खोपड़ी। यह दक्षिण अफ्रीका की विरासत का हिस्सा है। 

  5. शोधकर्ताओं के मुताबिक, लैब में रखा नमूना ट्रियासिक और जुरासिक समय के बीच हुए बदलाव की कई अहम जानकारियां देता है। इससे पता चलता है कि करीब 20 करोड़ साल पहले इको-सिस्टम हमारी सोच से कहीं ज्यादा पेचीदा था। डायनासोर रिसर्चर पॉल कहते हैं नमूने को और गहराई में समझने की कोशिश की जा रही है। अभी इसकी मदद से और भी कई नई बातें सामने आएंगी। 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना