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तीर्थदर्शन /इस जगह ली थी गुरु नानकदेवजी ने अंतिम सांस, रावी के खूबसूरत तट पर पाकिस्तान में स्थित है गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब

सिखों के गुरु नानक जी ने करतारपुर को बसाया था और यहीं इनका परलोकवास भी हुआ। पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतापुर साहिब भारतीय सीमा से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर है।

pakistan will open kartarpur sahib gurudwara corridor build by gurunanak ji
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Dainik Bhaskar

Sep 16, 2018, 06:17 PM IST

इंदौर. मप्र कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने रविवार को देपालपुर में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी इस बार घोषणा पत्र नहीं बल्कि वचन पत्र के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। साथ ही यह भी कहा कि सत्ता में वापसी पर सबसे पहले पेट्रोल और डीजल पर वैट कम किया जाएगा।

 

जनसभा में उपस्थित जन समूह।

 

  • कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल पर 3 रुपए वैट कम कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मप्र में किसानों की हालत खराब है, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि शिवराज ने अपने 13 साल के कार्यकाल में काम किया होता तो उन्हें जनता से आशीर्वाद लेने नहीं जाना होता बल्कि जनता उन्हें खुद आशीर्वाद देने आती।

 

कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत

 

भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार एक व्यवस्था बन गई है
कमलनाथ ने देपालपुर जनसभा में कहा कि शिवराज सरकार ने लोगों के पेट में लात और छाती पर गोली मारी है। वे बेरोजगार, किसानों, महिलाओं और महंगाई की बात नहीं करते हैं, लोगों को गुमराह करने के लिए राष्ट्रवाद की बात करते हैं।

 

  • ये कोई एक नाम बता दें जो उनसे जुड़ा हो, जिसकी भूमिका आजादी की लड़ाई में रही हो और जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हो। मोदी जी किस मुंह से हमें राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाते हैं। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार एक व्यवस्था बन गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आजादी के पहले गोरों से लड़ी थी, अब वह चोरों से लड़ेगी।  


जनसभा के बाद इंदौर में रोड शो
देपालपुर में जनसभा को संबोधित करने के बाद कमलनाथ दोपहर 3.15 बजे इंदौर पहुंचे। हेलिकॉप्टर से पीटीसी ग्राउंड पर उतरने के बाद कमलनाथ का रोड शो प्रारंभ हुआ। यह रोड शो एग्रीकल्चर कॉलेज से शिवाजी प्रतिमा, दवा बाजार, मधुमिलन चौराहा, आरएनटी मार्ग, एमटीएच कम्पाउंड हाेते हुए कोठारी मार्केट तक चला।  

 

कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत

 

  • शाम को कमलनाथ बोहरा समाज के धर्मगुरु सैयदना साहब से मुलाकात करेंगे। इसके बाद कांग्रेस के व्यापारिक प्रकोष्ठ के व्यापारिक संवाद में शामिल होंगे। यह संवाद बायपास स्थित एक होटल में होगा। 

 

कमलनाथ का स्वागत करते कार्यकर्ता

 

 

निवेश के नाम पर शिवराज की कलाकारी

  • मीडिया से चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा कि मप्र में निवेश के नाम पर शिवराज सरकार कलाकारी कर रही है। निवेश के झूठे आंकड़े पेश कर जनता को गुमराह किया जा रहा है। कुछ समय पहले मैने अखबारों में पढ़ा कि मप्र सरकार ने घाेषणा की है कि देश का एक बड़ा उद्योगपति छिंदवाड़ा में 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेंगे।
  • खबर पढ़कर मैने उस उद्योगपति को फोन लगाया और कहा कि आपका छिंदवाड़ा में स्वागत है, मैने खबर पढ़ी की आप यहां 10 हजार करोड़ का निवेश करने वाले है। इस पर उस उद्योगपति ने कहा कि हमारी मप्र में निवेश की कोई योजना नहीं है।
  • फिर मैने कहा कि यह घोषणा तो मप्र सरकार ने की है, तो उनहोनें कहा कि मप्र सरकार ने हमसे निवेश के लिए चर्चा की थी बस, हमने कहा था कि विचार करेंगे, निवेश के लिए हां नहीं कहा था। कमलनाथ ने कहा कि बस यहीं है शिवराज सरकार का निवेश।
  • इंदौर में पत्रकार वार्ता के दौरान कमलनाथ ने कहा कि भाजपा के 30 विधायक हमसे संपर्क में है। वे कांग्रेस पार्टी से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट चाहते है। कमलनाथ ने कहा कि हम वोटों का विभाजन रोकने के लिए समान विचारधारा वाले दलों से समझौते को तैयार है।

 

मीडिया से चर्चा करते कमलनाथ

 

  • गुरुद्वारा नानक जी की समाधि पर बना है गुरुद्वारा

    गुरुद्वारा नानक जी की समाधि पर बना है गुरुद्वारा

    • करतारपुर गुरुद्वारा साहिब पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित है। यह गुरुद्वारा नानक जी की समाधि पर बना है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय दर्शन करने जाते हैं।
    • भारत और पाकिस्तान के बॉर्डर के नजदीक बने इस गुरुद्वारे के आसपास अक्सर हाथी घास काफी बड़ी हो जाती है। जिसे पाकिस्तान अथॉरिटी छंटवाती है ताकि भारतीय सीमा से यहां के दर्शन हो सकें।

  • सिखों का पहला केंद्र कहलाया

    सिखों का पहला केंद्र  कहलाया

    • यह स्थल रावी नदी के किनारे पर बसा है और भारतीय सीमा के डेरा साहिब रेलवे स्टेशन से महज चार किलोमीटर की दूरी पर है।
    • यहां के तत्कालीन गवर्नर दुनी चंद की मुलाकात नानक जी से होने पर उन्होंने 100 एकड़ जमीन गुरु साहिब के लिए दी थी। 1522 में यहां एक छोटी झोपड़ीनुमा स्थल का निर्माण कराया गया।
    • करतारपुर को सिखों को पहला केंद्र भी कहा गया है। सिख धर्म से जुड़ी कई किताबों में भी इसका जिक्र किया गया है।

  • लंगर शुरु कर दूर किया महिला-पुरुष का अंतर

    लंगर शुरु कर दूर किया महिला-पुरुष का अंतर

    • यहां गुरुनानक जी खेती-किसानी करते थे। बाद में उनका परिवार भी यहां रहने लगा। उन्होंने लंगर की शुरुआत भी यहां से की।
    • सिख समुदाय के लोग इस नेक काम में शामिल होने के लिए यहां इकट्ठा होने लगे और सराय बनवाई गईं। धीरे-धीरे कीर्तन की शुरुआत हुई।
    • नानकदेवी जी ने गुरु का लंगर ऐसी जगह बनाई गई जहां पुरुष और महिला का भेद खत्म किया जा सके। यहां दोनों साथ बैठकर भोजन करते थे।

  • 2004 में इसे पूरी तरह से संवारा गया

    2004 में इसे पूरी तरह से संवारा गया

    • यहां खेती करने, फसल काटने और लंगर तैयार करने का काम संगत के लोगों द्वारा किया जाता था। बाद में करतारपुर गुरुद्वारा साहिब का भव्य निर्माण 1,35,600 रुपए की लागत में किया गया था। यह राशि पटियाला के महाराजा सरदार भूपिंदर सिंह ने दी थी।
    • 1995 में पाकिस्तान सरकार ने इसकी मरम्मत कराई थी और 2004 में इसे पूरी तरह से संवारा गया। एक तरफ रावी नदी और दूसरी तरफ जंगल होने के कारण इसी देखरेख में दिक्कत भी होती है।

  • नानक जी ने 'नाम जपें, मेहनत करें और बांट कर खाएं' का दिया था सबक

    नानक जी ने 'नाम जपें, मेहनत करें और बांट कर खाएं' का दिया था सबक

    • गुरुनानक ने रावी नदी के किनारे एक नगर बसाया और यहां खेती कर उन्होंने 'नाम जपो, किरत करो और वंड छको' (नाम जपें, मेहनत करें और बांट कर खाएं) का सबक दिया था।
    • इतिहास के अनुसार गुरुनानक देव की तरफ से भाई लहणा जी को गुरु गद्दी भी इसी स्थान पर सौंपी गई थी। जिन्हें दूसरे गुरु अंगद देव के नाम से जाना जाता है और आखिर में गुरुनानक देव ने यहीं पर समाधि ली थी।

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