निष्कर्ष / न्यूजीलैंड में पाए जाते थे 1 मीटर लंबे और 7 किलो वजनी तोते, एक दशक पहले मिले जीवाश्म से हुई पुष्टि



palaeontologist reveals about Squawkzilla the three-foot tall cannibal parrot found  in new Zealand
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palaeontologist reveals about Squawkzilla the three-foot tall cannibal parrot found  in new Zealand

  • न्यूजीलैंड के सेंट बाथंस में मिला था जीवाश्म, शोधकर्ताओं का दावा, व्यवहार में यह काफी आक्रामक था
  • न्यूजीलैंड को दुर्लभ पक्षियों का घर भी कहते हैं, जहां विलुप्त हो चुकी चिड़िया मोआ पाई जाती थी, लंबाई 3.6 मीटर और वजन 230 किलो था। 

Dainik Bhaskar

Aug 07, 2019, 08:00 PM IST

हैप्पी लाइफ डेस्क. 1.9 करोड़ साल पहले न्यूजीलैंड में पाए जाने वाले तोते के जीवाश्म से वैज्ञानिकों ने नया खुलासा किया है। जीवाश्म की जांच में सामने आया कि न्यूजीलैंड में 1 मीटर लंबाई वाले तोते पाए जाते थे। शोधकर्ताओं का दावा है कि इसका वजन 7 किलो रहा होगा। यह दुनिया के सबसे मोटे और दुर्लभ तोते कहे जाने वाले काकापो की प्रजाति से दो गुना भारी रहे होंगे। इसके जीवाश्म न्यूजीलैंड के सेंट बाथंस में मिले थे। न्यूजीलैंड को दुनिया के सबसे बड़े तोते की प्रजाति के घर के तौर पर भी जाना जाता है। हाल ही में दुनिया के सबसे मोटे और दुर्लभ तोते काकापो ने ब्रीडिंग सीजन में रिकॉर्ड बनाया था और 249 अंडे दिए थे। 
 

यह सिर्फ रात में दिखाई देता था

  1. बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, यह तोता उड़ने में समर्थ नहीं था दूसरी चिड़िया के उलट यह दिन में नहीं रात में निकलता था। ऑस्ट्रेलिया की फ्लाइंडर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता और जीवाश्म विज्ञानी ट्रेवर वर्थी का कहना है कि दुनिया में इसके अलावा कोई बड़ा तोता नहीं था। जीवाश्म वैज्ञानिकों ने इसे हेरेकेल्स इनएक्सपेक्टेटस की नई प्रजाति बताई है क्योंकि यह आकार और क्षमता के मामले में सबसे अलग है।

     

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  2. शोधकर्ताओं का कहना है कि जीवाश्म 11 साल पहले मिला मिला था। इसमें मौजूद हड्डियों को चील या बत्तख की समझा जा रहा था। लेकिन इसी साल की शुरुआत में जीवाश्म वैज्ञानिकों ने इसकी दोबारा गहनता से जांच की। जांच में सामने आया कि इसकी चोंच भी काफी बड़ी रही होगी और आम तोते के मुकाबले इसे खाना खाने में अधिक मदद मिलती होगी।

     

     
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    दुनिया का सबसे मोटा और दुर्लभ तोता काकापो

  3. जीवाश्म विज्ञानी ट्रेवर का कहना है कि उस दौर में इसका शिकार करने वाले जानवर या पक्षी न होने के कारण इस तोते का व्यवहार काफी आक्रामक था। यह जमीन पर ही चलता था और बीज व नट्स खाता था। न्यूजीलैंड में सेंट बाथंस के जिस क्षेत्र इसके जीवश्म मिले है उस क्षेत्र को जीवाश्मों की खोज के लिए ही जाना जाता है। न्यूजीलैंड दुर्लभ पक्षियों के लिए भी जाना जाता है। यह विलुप्त हो चुकी चिड़िया मोआ का घर भी था। जिसकी लंबाई 3.6 मीटर थी और वजन 230 किलो तक होता था। 

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