रिसर्च / वैज्ञानिकों ने बताया 3 हजार साल पुरानी ममी के बालों का राज, प्राकृतिक तेल और बाम से रहे बरकरार

Scientists find hair of Ancient Egyptian noblewomen perfectly preserved after 3000 years
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Scientists find hair of Ancient Egyptian noblewomen perfectly preserved after 3000 years

  • रूसी वैज्ञानिकों ने प्राचीन मिस्र की 3 ममी पर किया शोध, बालों पर इन्फ्रारेड का किया इस्तेमाल
  • शोधकर्ताओं का दावा- पिस्ता का तेल समेत कई प्राकृतिक चीजों से 3 हजार साल बाद भी बरकरार रहे बाल

Jul 11, 2019, 01:17 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. तीन हजार पुरानी ममी के बाल लंबे समय तक कैसे संरक्षित रहे, रूसी वैज्ञानिकों ने इसका पता लगाया है। मॉस्को के कुर्चतोव इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने बालों पर रिसर्च की है। उनका दावा है कि ऐसा एक खास तरह के बाम के कारण हुआ है। प्राचीन मिस्र की तीन ममी पर हुए शोध में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।

प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल कर तैयार करते थे ममी

शोधकर्ताओं के मुताबिक, हजारों साल पुरानी ममी के बालों का परीक्षण किया गया है। नतीजे के रूप में सामने आया है कि संरक्षित करने से पहले इन पर देवदार का बाम (गोंद) का प्रयोग किया गया था जिसमें कई तरह के प्राकृतिक रसायन थे। इसका पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने बालों पर इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल किया है। शोध के मुताबिक, बालों पर लगाए जाने वाले बाम में बीफ फैट, अरंडी, पिस्ता का तेल और मधुमक्खियाें से तैयार हुआ मोम पाया गया।

 

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वरिष्ठ शोधकर्ता डॉ. विक्टर पोजिहादेव का कहना है कि हम यह देखकर काफी हैरान थे कि इतने वर्षों के बाद भी इन ममीज के बाल सुरक्षित रहे। हमें अंदाजा था कि इसके लिए किसी खास प्रकार के बाम का प्रयोग किया जाता है। रिसर्च में इसकी पुष्टि हुई। इसीलिए हम इसे बनाने की विधि और इसमें इस्तेमाल की जाने वाली चीजों को खोजने की कोशिश की। 

 

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रूसी वैज्ञानिकों का दावा है कि ममी को तैयार करने के लिए दो तरह का लेप तैयार किया गया जाता था। एक बालों के लिए और दूसरा शरीर पर लगाने के लिए। वर्तमान में ममी से जुड़ी चीजों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक पॉजिट्रौन एमिशन टोमोग्राफी और कम्प्यूटर टोमोग्राफी का इस्तेमाल कर रहे हैं। रिसर्च मॉस्को के पुशकिन स्टेट म्यूजियम में रखी  ममीज पर की गई है। 

प्राचीन मिस्र में शवों को सहेजने का तरीका भी अनूठा था। इसे ममी में तब्दील करने के लिए मृत शरीर के आंतरिक अंगों को निकालकर इसे नमक के साथ रखते थे ताकि नमी हट जाए। पूरे शरीर पर पौधे से निकला तेल और रेजिन का बाम लगाकर कपड़ा लपेट दिया जाता था। माना जाता है कि पुरानी ममी को प्राकृतिक रूप से सूखी रेगिस्तानी रेत में दफन करके संरक्षित जाता था।

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