तुर्की / इंस्ताबुल की 6 मीनारों वाली ऐतिहासिक नीली मस्जिद, एक साथ 10 हजार लोग पढ़ सकते हैं नमाज



sultan ahmed mosque or blue mosque of instabul
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sultan ahmed mosque or blue mosque of instabul
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Dainik Bhaskar

May 27, 2019, 12:10 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. तुर्की के इस्तांबुल शहर में एक ऐसी ऐतिहासिक मस्जिद है, जिसे सुल्तान अहमद मस्जिद या नीली मस्जिद के नाम से जाना जाता है। इसका निर्माण 1609 से 1616 ईसवी के बीच हुआ। इसकी बनावट इस्लाम में मिलने वाले कुछ पौराणिक उद्धरणों से ली गई है। मस्जिद के अंदर की दीवारों का रंग नीला होने के कारण इसे नीली मस्जिद या ब्लू मस्जिद भी कहते हैं।

गुंबद के चारें ओर बनी हैं 28 खिड़कियां

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    तुर्की के शासक रहे सुल्तान अहमद ने इस मस्जिद को अपने कुशल वास्तुकार सेदीफकर मेहमद आगा से करवाया था। इसकी वास्तुकला में परंपरागत इस्लामिक रूप देखने को मिलता है। यहां रमजान में विशेष रौनक रहती है। कई परिवार मशहूर सुल्तान अहमद मस्जिद के पास रोजा इफ्तार के लिए इकट्ठा होते हैं।

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    आमतौर पर दुनिया की हर मस्जिद की 4 मीनारें होती हैं, लेकिन इसमें 6 मीनारें हैं। वैसे 6 मीनारों की मस्जिद बनाने की कोई योजना भी नहीं थी। महज गलतफहमी से ऐसा हो गया। इस मस्जिद में लगभग 5 प्रमुख और 8 सामान्य गुंबद हैं, जिसमें सबसे बड़े गुंबद का व्यास लगभग 23.50 मीटर और इसकी ऊंचाई लगभग 43 मीटर है। मस्जिद के बीच का गुंबद सबसे विशाल है। इस गुंंबद के चारों ओर बनी खिड़कियों की संख्या 28 है, जिनसे अंदर रोशनी जाती है।

  3. एक साथ 10 हजार लोग पढ़ सकते हैं नमाज

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    मस्जिद के अंदर कई लैम्प को सोने के रत्नों से कवर किया गया था। बाद में इन्हें हटाकर संग्रहालयों में रख दिया गया। इसके गुंबदों में बहुमूल्य पत्थर लगे हुए हैं और उन पर प्रार्थनाएं उत्कीर्ण हैं। मस्जिद की वास्तुकला की एक और खास बात यह है कि जुम्मे की नमाज के अवसर पर इमाम जब खुत्बा देने के लिए खड़े होते हैं, तो मस्जिद के हर कोने और हर जगह से इमाम को आसानी देखा और सुना जा सकता है। मस्जिद में एकसाथ 10 हजार लोग नमाज में शामिल हो सकते हैं।

  4. हाथ में बनी टाइल्स का इस्तेमाल

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    मस्जिद के मुख्य कमरे पर कई गुंबद हैं, जिनके बीच में केंद्रीय गुंबद स्थित है। इसका व्यास 33 मीटर और ऊंचाई 43 मीटर है। मस्जिद के आंतरिक हिस्से की दीवारों में हाथ से बनी 20 हजार से ज्यादा टाइल्स का इस्तेमाल किया गया है, जो कि इसे खूबसूरत रूप प्रदान करती हैं। मस्जिद में प्राकृतिक प्रकाश की व्यवस्था करते हुए शीशे की 200 से अधिक खिड़कियां बनाई गई हैं।

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