प्रेम पहेली / हीर की मौत के बाद रांझा ने तोड़ दिया था दम, ये पूरा सच नहीं है, जानिए प्रेमकथाओं की सच्चाई



valentines day story eternal love stories myth and fact
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valentines day story eternal love stories myth and fact

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 04:27 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. अनारकली और सलीम की दास्तान-ए-मोहब्बत से सभी वाकिफ हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अनारकली कोई प्रमाणिक ऐतिहासिक चरित्र नहीं है। लेकिन ऐसी कई प्रेमकथाएं जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को गलत जानकारी है। वैलेंटाइंस-डे के मौके पर जानिए ऐसी ही प्रेमकथाओं की सच्चाई…
 

प्रेमकथाओं को आप कितना जानते हैं

  1. हीर-रांझा की कहानी

    • गलतफहमी :  गरीब घर में जन्मी हीर, सियालो के अमीर घर के रांझा से प्रेम करने लगी लेकिन उसके पिता ने चाचा के कहने पर उसकी शादी किसी और के साथ कर दी। हीर ने अपने पति को अस्वीकार कर दिया। उधर रांझा जोगी बन दरदर भटकने लगा। वह हीर के गांव पहुंचा, दोनों एक बार फिर मिले और वहां से भाग निकले। अंत में हीर का परिवार दोनों की शादी के लिए तैयार हो गया, लेकिन शादी वाले दिन हीर के चाचा ने उसे जहर दे दिया। जब रांझा वहां पहुंचा तब तक हीर मर चुकी थी। वह उसकी मौत सह नहीं पाया और उसने भी वहीं दम तोड़ दिया।

     

    • सच्चाई : सियालों के अमीर घर में जन्मी हीर-रांझा से प्रेम करने लगी। लेकिन उसके पिता ने उसके चाचा के कहने पर उसकी शादी किसी और के साथ कर दी। हीर ने अपने पति को छोड़ दिया। और रांझा के साथ भाग गई। हीर का परिवार दोनों को ढूंढ लेता है और हीर का चाचा रांझा को मार देता है। रांझा के मरने के बाद हीर भी अपनी जान दे देती है।
       

  2. मिर्जा-साहिबा की प्रेमकथ

    • गलतफहमी : झंग सयाल के गांव में रहने वाले मिर्जा को अपने पिता के दोस्त की बेटी साहिबा से प्रेम हो गया। घरवालों ने मिर्जा की शादी कहीं और तय कर दी तो साहिबा ने उससे वादा लिया कि वह उसके अलावा किसी दूसरी लड़की से शादी नहीं करेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, पिता के दबाव में मिर्जा को शादी करनी पड़ी और साहिबा के भाईयों ने अपने अपमान का बदला लेने की लिए मिर्जा की हत्या कर दी। मिर्जा को मरा देख साहिबा ने भी आत्महत्या कर ली। 
    • सच्चाई : झंग सयालों के गांव में रहने वाले मिर्जा को मदरसे में अपने मामा की लड़की साहिबा से प्रेम हो गया। मिर्जा को उसके पिता युद्ध कौशल में पारंगत होने की शिक्षा के लिए बाहर भेज देते हैं। उधर साहिबा की शादी कहीं और तय कर दी जाती है, जिसके पहले मिर्जा उसे भगा ले जाता है। उस समय साहिबा उससे वादा लेती है कि वह उसके भाइयों पर हाथ नहीं उठाएगा। जल्द ही साहिबा के भाई दोनों को ढूंढ निकालते हैं। मिर्जा और साहिबा के भाइयों के बीच लड़ाई होती है। अपना वादा रखते हए मिर्जा मारा जाता है। उसे मृत देख साहिबा भी आत्महत्या कर लेती है।

  3. शीरीं- फरहाद की दास्तान-ए-इश्क

    • गलत : तुर्की के सुलतान सलीम की दो बेटियां थीं - महमन बानो और शीरीं। सुल्तान की मौत के बाद महमन बानो सुल्ताना बनी। सुल्ताना ने एक महल बनवाया जिसका काम फरहाद के दोस्त को मिला। महल देखने गए फरहाद को शीरीं ने गुलाब भेंट किया जिसे देखकर सुल्ताना भड़क उठीं। सुल्ताना फरहाद से कहती हैं कि यदि वो एक मील चौड़ी पहाड़ी को काटकर दरिया का पानी शहर में ले आए तो वह उसे शीरीं से शादी करने की इजाजत दे देंगी। फरहाद नदी को शहर में ले आता है। जब वह लौट रहा होता है तो उसे झूठी खबर दी जाती है कि शीरी मर चुकी है। यह सुनकर वह खुद को मार लेता है। शीरीं को जब यह खबर मिलती है तो वह भी वहां पहुंचकर अपने आप को खंजर से मार लेती है।
    • सच्चाई : सुल्ताना के महल की डिजाइन फरहाद ने बनाई थी। शीरीं ने फरहाद को गुलाब नहीं भेंट किया था।

  4. हिमाचल की सस्सी-पुन्नू प्रेम कथा का सच

    • झूठ : सस्सी भंबोर राज्य के राजा की बेटी थी। बचपन में उसे एक धोबी चुरा लाया और उसे बेटी की तरह पाला। बड़ी होने पर पुन्नू उर्फ पन्नालाल नामक एक धोबी से उसे प्रेम हो जाता है। दोनों की शादी हो जाती है परंतु पुन्नू के भाई उसे धोखे से कच मकरान ले जाते हैं। सस्सी उसे ढूढने जाती है लेकिन तीन दिन तक भूखी-प्यासी भटकने के कारण झलक पाने के बाद मर जाती है। इसके बाद पुन्नू भी अपनी जान दे देता है।
    • सच :राजा के यहां जन्मी सस्सी को भंबोर शहर के एक धोबी ने पाला था। बड़ी होने पर उसकी सुंदरता के चर्चे सुनकर कच मकरान का पूरनचंद उर्फ पुन्नू उससे प्रेम करने लगा। दोनों की शादी हो जाती है परंतु पुन्नू के भाई उसे धोखे से कच मकरान ले जाते हैं। सस्सी उसे ढूंढने जाती है लेकिन तीन दिन तक भूखी-प्यासी भटकने के कारण पुन्नू की एक झलक पाने के बाद मर जाती। है। इसके बाद पुन्नू भी अपनी जान दे देता है।

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