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पराए शहर में अपने दोस्त...कौन सी बातें जानना है जरूरी

पराए शहर में दोस्त ही सुख-दुख के साथी होते हैं। मुश्किल वक़्त में एक-दूसरे को सम्भालना ही इस रिश्ते की संजीवनी है।

अगर आप साथ रहते हैं तो लड़ते भी उतना ही होंगे। ऐसे में अपनी छोटी-मोटी तकरारों को दरकिनार कर पूरी तरह से उनका साथ दें। अगर आप साथ रहते हैं तो लड़ते भी उतना ही होंगे। ऐसे में अपनी छोटी-मोटी तकरारों को दरकिनार कर पूरी तरह से उनका साथ दें।
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अगर आप साथ रहते हैं तो लड़ते भी उतना ही होंगे। ऐसे में अपनी छोटी-मोटी तकरारों को दरकिनार कर पूरी तरह से उनका साथ दें। अगर आप साथ रहते हैं तो लड़ते भी उतना ही होंगे। ऐसे में अपनी छोटी-मोटी तकरारों को दरकिनार कर पूरी तरह से उनका साथ दें।
दोस्ती का रिश्ता ऐसा होना चाहिए जिसमें आप दिल की सारी बातें कह सकें। खासकर जब आप अपने शहर से बाहर रह रहे हों तो इस रिश्ते में मिठास बरकरार रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

Dainik Bhaskar

Aug 20, 2018, 12:03 PM IST

यूटिलिस्टी डेस्क. कभी पढ़ाई के लिए, कभी जॉब के लिए परिवार से दूर रहना मजबूरी बन जाता है। ऐसे में वे दोस्त और रूममेट ही होते हैं जो कभी भी परिवार की कमी महसूस नहीं होने देते। जो बाहर रहते हैं वे जानते हैं कि रात के तीन बजे अपने दिल की सारी बातें कह जाने पर जो सुकून मिलता है वह शब्दों के दायरे से परे है। नियमों का साथ निभाना या साथ न निभाने का रोमांच भी इसी दोस्त की वजह से होता है। लेकिन जब आपका यही सम्बल कहीं कमज़ोर होने लगे या बीमार पड़ जाए तो उसे अतिरिक्त देखभाल की ज़रूरत होती है। ऐसे में आप किस तरह से उसकी मदद कर सकते हैं। किरण बाला से जानते हैं कौन सी बातें याद रखना है जरूरी... 

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