सम्बंधों की उलझन और जवाब / रिश्ते की मजबूती के लिए बातचीत जरूरी, कुछ दिनों तक दूर रहने से भी सुधरते हैं रिश्ते

Relationships improve even by staying away for a few days
X
Relationships improve even by staying away for a few days

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2019, 11:09 AM IST
लाइफस्टाइल डे्सक. इस कॉलम में रिलेशनशिप एक्सपर्ट डॉ. निशा खन्ना पाठकों की समस्याओं या सवालों का जवाब भी देती हैं और उन्हें सही रास्ता भी दिखाती हैं। सवाल पूछने वाले पाठकों के नाम गोपनीय रखे जाते हैं। अगर आपके रिश्ते में भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है तो आपकी समस्याओं का समाधान यहां मिल सकता है।

हमारी सगाई को दो साल हो गए हैं, लेकिन मेरी होने वाली पार्टनर फोन कॉल और मैसेज का ठीक तरीके से जवाब नहीं देती। मजबूरन जब मैं रिश्ता खत्म करने की बात करता हूं, तो वह इसके लिए भी तैयार नहीं होती। मैं क्या करूं?

  1. इसका एक कारण यह हो सकता है कि दो साल होने के बावजूद आप दोनों ने अभी तक एक-दूसरे के साथ अच्छा वक्त ही न बिताया हो। आप दोनों को साथ में कुछ अच्छा वक्त बिताना चाहिए। हर व्यक्ति का व्यक्तित्व अलग होता है। कुछ लोग अपनी भावनाएं जल्दी व्यक्त नहीं कर पाते। हो सकता है आपकी पार्टनर भी कुछ इसी तरह की हो। इसलिए उससे आमने-सामने बातचीत की शुरुआत करें। अगर यह शुरुआत आप नहीं कर पा रहे हैं, तो इसमें परिवार के किसी सदस्य (बहन, भाभी या अन्य कोई भी) का सहयोग लें। कोई भी निर्णय लेने से पहले या पार्टनर को जज करने से पहले उनकी पर्सनैलिटी को जानने की कोशिश कीजिए और फिर गंभीरता के साथ आगे की रूपरेखा तय कीलिए।

  2. मेरी शादी को तीन साल हुए हैं, लेकिन अब मेरी मां को लगता है कि मैं ससुराल वालों की ही हां में हां मिलाता हूं। मां-पिता अच्छे से बात नहीं करते। मुझे घर से बाहर निकाल दिया गया है। वे इस स्थिति के लिए मेरी पत्नी को जिम्मेदार ठहराते हैं, जबकि उसका कोई दोष नहीं है। मैं डिप्रेशन में
    हूं। मुझे क्या करना चाहिए?
     

    शादी के बाद कई बार होता है, जब माताओं को लगता है कि उनका बेटा उनकी बात नहीं सुन रहा है, जैसे कि आपके केस में हो रहा है। यहां पर आप एक काम कीजिए। इस मामले में अपनी पत्नी को आगे लाइए। पत्नी से कहिए कि वह आपका पक्ष रखें। हो सकता है आपकी पत्नी की बातों से आपके माता-पिता संतुष्ट हो जाएं। दूसरी बात, अगर आप और आपके माता-पिता आर्थिक रूप से एक-दूसरे पर निर्भर नहीं हैं तो कुछ दिन अलग रहने में भी कोई हर्ज नहीं है। दूर रहने से भी रिश्ते सुधरते हैं। जब स्थिति में थोड़ा सुधार दिखे, तब उनसे फिर बात करें और अपना पक्ष रखें। तीसरी बात, आप खुश रहना सीखें, तभी आप अपनी पत्नी, माता-पिता और दूसरे लोगों को भी खुश रख पाएंगे और डिप्रेशन की समस्या से भी उबर सकेंगे। 

  3. मेरी रिलेशनशिप को एक साल हो गया है। मैंने अपने पार्टनर से अपनी पिछली जिंदगी की कुछ बातें छिपाईं, जो अब सामने आ गई हैं। अब वह मुझ पर भरोसा नहीं करता। लेकिन मैं उसे खोना नहीं चाहती। मैं क्या करूं?

    आप एक बार फिर से अपना पक्ष उसके सामने रखिए कि क्यों आपने उसे पहले अपने अतीत के
    बारे में नहीं बताया था। कारण जो भी रहा हो, उसे ईमानदारी से एक्सप्लेन कर दीजिए। अगर आपका
    इरादा गलत नहीं था, तो मुमकिन है कि आपका पार्टनर आपकी बात समझेगा। उसे समझना भी
    चाहिए क्योंकि कई लोगों के अतीत में काफी कुछ होता है और उसके आधार पर भविष्य को नहीं छोड़ा जा सकता। उसे इस बात के लिए कन्विंस कीजिए कि अतीत में जो था, उसे छोड़ दीजिए, अब भविष्य हमारा है। हां, उसके साथ क्वालिटी टाइम बिताइए और उसकी पसंद की चीज़ें करके उसे स्पेशल फील कराने की कोशिश कीजिए। परिस्थितियां दो दिन में नहीं बदलेंगी, आप थोड़ा समय दीजिए। चीज़ें खुद-ब-ख़ुद ठीक हो जाएंगी। 

  4. मैं अपने एक बचपन के दोस्त से 2017 में फेसबुक पर मिली। तब से हम रिलेशनशिप में हैं, लेकिन वह एल्कोहॉलिक है। हर बात पर गुस्सा करना, शराब पीकर मुझसे बदतमीजी से बात करना उसकी आदत बन गया है। मुझे कैरेक्टरलैस तक बोलता है। मुझे क्या करना चाहिए?

    वह जिस तरीके से आपसे पेश आ रहा है, यह इमोशनल एब्यूज़ कहलाता है। यह बहुत जरूरी है कि आप उसे बताएं कि आपका सम्मान कितना जरूरी है। यह आप पर भी निर्भर करता है कि आप किस हद तक उसकी बातें सुनने के लिए तैयार हैं। रिलेशनशिप शक या पज़ेसिवनेस से नहीं बल्कि प्यार और विश्वास से चलती है। आप खुद देखें कि क्या आप उसके साथ अपना भविष्य देखती हैं? अपने लिए खुद को ही खड़ा होना होगा। अगर वह आपके कैरेक्टर पर सवाल उठा रहा है तो इसका मतलब है कि वहां प्यार बिल्कुल भी नहीं है।

  5. मेरा पार्टनर मुझसे कोई भी बात सीधी तरह से नहीं कहता। इधर-उधर की बातें घुमा-फिराकर
    कहता है। संवाद कैसे शुरू करूं?

    रिश्ते की मजबूती के लिए संवाद बहुत मायने रखता है। जरूरी है कि दोनों ना सिर्फ अपनी बात रखें बल्कि सुनें भी। इसके लिए दोनों की सुनने की क्षमता भी अच्छी होनी चाहिए। आप अपने और अपने पार्टनर के व्यवहार और समझदारी के स्तर को देखें। कहीं ऐसा तो नहीं कि कभी आपके पार्टनर ने कुछ बताने की कोशिश की हो, लेकिन आपने सुनने से पहले ही उस पर कोई राय बना ली हो। पुराने अनुभव भी रिश्ते की हालिया स्थिति के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। बातचीत के दौरान कभी-कभार हल्के-फुल्के मुद्दों पर हंसी-मजाक में बात करना भी रिश्ते के लिए अच्छा होता है। कई बार हम उम्मीद करते हैं कि हमारा साथी घंटों हमसे फोन पर बात करे, लेकिन व्यवहार में यह संभव नहीं होता। तो क्वांटिटी के बजाय क्वालिटी टाइम बिताना ज्यादा मायने रखता है।

    (आप रिलेशनशिप से जुड़ी समस्या या सवाल [email protected] पर मेल कर सकते हैं।)

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना