विरोध:एएनएम को निलंबित करने के विरोध में टीकाकरण महाअभियान का बहिष्कार कर पीएचसी में जड़ा ताला

अररियाएक महीने पहले
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सांसद के पास घटना की जानकारी देती एएनएम। - Dainik Bhaskar
सांसद के पास घटना की जानकारी देती एएनएम।
  • पीएचसी में ताला जड़ने की घटना की सूचना पर पहुंचे सीएस व डीआईओ, समझाने पर शांत हुई एएनएम
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सोमवार को पूरे बिहार में कोरोना वैक्सिनेशन का महा अभियान होना था। वहीं जिले के के एक क्रेंद्र पर एएनएम की हड़ताल की वजह से यह अभियान प्रभावित हो गया। अररिया पीएचसी में नर्सों ने ताला जड़ दिया है और बाहर बैठकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के विरोध में नारेबाजी कर रहीं हैं। दरअसल नर्सों का कहना है कि कुछ दिन पूर्व बिना स्पष्टीकरण पूछे और ठोस आरोप के बिना तीन एएनएम को सस्पेंड कर दिया गया।वहीं नर्सों को स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा मोरली डाउन किया जाता रहा है। यहां बता दें कि पांच दिन पहले ही जज धीरेंद्र कुमार उनकी पत्नी रश्मि को बिना प्रिकॉशन डोज लिए मोबाइल पर मैसेज चला गया और प्रमाणपत्र भी जारी हो गया। जज के द्वारा लिखित शिकायत के बाद सिविल सर्जन ने एएनएम प्रमिला कुमारी को निलंबित कर दिया था। एएनएम द्वारा प्रदर्शन किए जाने की सूचना पर अररिया पीएचसी पहुंचे सिविल सर्जन डॉ. विधानचंद्र सिंह ने बताया कि आज बूस्टर डोज अभियान है, नर्सों की हर बात सुनी जाएगी। लेकिन नर्सों को चाहिए कि यह अभियान शुरू करने में सहयोग करें। सीएस के साथ डीआईओ डॉ. मो. मोइज भी थे। हालांकि समझाने के दौरान सीएस ने यहां तक कह दिया कि हड़ताल के दिन का वेतन कट जाएगा। लेकिन डीआईओ ने इसे सुधार दिया। सांसद आवास पर पहुंचकर लगाई गुहार : पीएचसी में सोमवार को तालाबंदी व प्रभारी स्तर से की गई मारपीट आदि की घटनाओं के बाद तीन दर्जन से अधिक एएनएम स्थानीय सांसद के आवास पर पहुंची। महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सांसद प्रदीप कुमार सिंह को पूरे मामले से अवगत कराया और न्याय की गुहार लगाई। सांसद के समक्ष महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि स्वास्थ विभाग के डीपीएम के स्तर से भी परेशान किया जाता है। इतना ही नहीं अररिया पीएचसी प्रभारी महिलाओं को मिलने वाले स्पेशल लीव की सुविधा में सबूत की मांग करते हैं, जो ना सिर्फ और अमानवीय है बल्कि अभद्रता भी है। महिला स्वास्थ्य कर्मियों की व्यथा सुनने के बाद सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने फौरन डीएम इनायत खान को फोन किया और पूरे मामले की जांच कराने को कहा। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि अररिया पीएचसी प्रभारी जावेद के खिलाफ लगातार शिकायतें आ रही है। इसको लेकर सख्त जांच कराने की आवश्यकता है। हालांकि सूत्रों की मानें तो इस मामले में सांसद के एंट्री के बाद मामले को दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग ने मोड़ने का प्रयास किया जो देर शाम तक जारी था। तीन घण्टे तक डटी रहीं सभी एएनएम,प्रतिनिधि मंडल से डीएम ने की मुलाकात : सोमवार सुबह से ही अररिया पीएचसी में एएनएम ने ताला जड़ दिया था।उसके बाद आक्रोशित एएनएम को समझाने के दौरान अररिया पीएचसी प्रभारी के द्वारा एक एएनएम पति की पिटाई कर दिए जाने का मामला सामने आ गया। पीएचसी प्रभारी की कार्यशैली से तंग आकर अररिया पीएचसी में पदस्थापित सभी एएनएम समाहरणालय पहुंच गई। बताया गया कि डीएम इनायत खान ने पहले सिविल सर्जन को फिर एएनएम की प्रतिनिधिमंडल से 4 एएनएम को कार्यालय कक्ष में बुलाया पूरे मामले को डीएम ने सुना, लेकिन ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलने के कारण दोपहर के 3:00 बजे तक सभी एएनएम समाहरणालय परिसर में डटी रही। डीएम इनायत खान कार्यालय कार्य निपटाने के बाद जैसे ही लंच के लिए निकली, तो सभी एएनएम डीएम की गाड़ी के आगे आ गई। डीएम की गाड़ी रोकने का प्रयास किया लेकिन सुरक्षा और स्कर्ट में तैनात जवानों ने महिलाओं को बलपूर्वक हटाकर डीएम के वाहन को निकाला। इधर एएनएम समूह ने आरोप लगाया कि निलंबित किये गए एएनएम प्रमिला कुमारी के पति विमल कुमार की पिटाई पीएचसी प्रभारी व उनके गार्ड ने किया।जिसमें बिमल के पैर की हड्डी टूट गयी है। शराब पिये था व्यक्ति,जांच के डर से भागने क्रम में टूटा पैर : हालांकि इस मुद्दे पर सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि जिस पुरुष के पिटाई का मामला बताया जा रहा है वह गलत है। उन्होंने बताया कि वह व्यक्ति शराब पीकर कार्यालय में था, तो उसकी जांच कराने के लिए उसे पकड़ने के लिए कहा गया। इसी डर से वह जब भागने लगा और दीवार फांद कर जाने लगा। इसमें उसका पैर टूटा है।

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